ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है. ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने चीन के विदेश मंत्री Wang Yi से फोन पर बातचीत की और अमेरिका की हरकतों पर कड़ा ऐतराज जताया. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका की उकसावे वाली कार्रवाई के नतीजे बहुत खतरनाक हो सकते हैं. इस बातचीत का मुख्य मकसद क्षेत्र में शांति बनाए रखना और अमेरिकी दबाव को कम करना था.

ईरान और चीन की बातचीत में क्या बातें हुईं

ईरानी विदेश मंत्री Araghchi ने चीन से अपील की कि वह शांति और युद्धविराम को बढ़ावा देने में सकारात्मक भूमिका निभाए. उन्होंने कहा कि ईरान शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए एक व्यावहारिक समाधान चाहता है. ईरान ने यह भी साफ किया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य सभी देशों के लिए खुला है, लेकिन उन देशों के लिए नहीं जो दुश्मनी में लगे हैं. चीन के विदेश मंत्री Wang Yi ने कहा कि वे शांति वार्ता का समर्थन करते हैं और ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का सम्मान होना चाहिए.

अमेरिका का क्या कहना है और जमीनी हालात क्या हैं

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि चीन अब ईरान को हथियार नहीं भेजेगा. ट्रंप ने कहा कि वे हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की कोशिशों से संतुष्ट हैं और यह संघर्ष अब खत्म होने के बहुत करीब है. हालांकि, असल हालात अलग हैं क्योंकि अमेरिकी सेना ने अभी भी ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रखी है, जिससे जहाजों का आना-जाना बंद है. अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी बताया कि ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों की निगरानी के लिए चीन के सैटेलाइट का इस्तेमाल किया.

प्रमुख घटनाक्रम और जरूरी जानकारियां

विवरण जानकारी
बातचीत की तारीख 15 अप्रैल 2026
ईरान की धमकी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रही तो हॉर्मुज के आगे शिपिंग बंद कर देगा IRGC
शांति वार्ता अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही पाकिस्तान में बातचीत हो सकती है
चीन का स्टैंड शांति का समर्थन और नेविगेशन की आजादी सुनिश्चित करना
सैन्य अपडेट USS Gerald R. Ford ने वियतनाम युद्ध के बाद सबसे लंबा समय तैनात रहकर रिकॉर्ड बनाया
अमेरिकी दावा चीन ने ईरान को हथियार न भेजने पर सहमति जताई है