अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने 27 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि उनका देश किसी भी अमेरिकी कार्रवाई का तुरंत और निर्णायक जवाब देने के लिए तैयार है। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ हफ्तों से जारी सैन्य हमलों के बाद फिलहाल एक अस्थायी शांति बनी हुई है, जो 18 जून को हुए एक अंतरिम समझौते के टूटने के बाद बिगड़ी थी।
कूटनीतिक बातचीत पर क्या है स्थिति
ईरान के प्रवक्ता ने बताया कि अभी अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है, हालांकि पाकिस्तान और कतर जैसे मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान जारी है। उन्होंने अमेरिका पर कूटनीतिक प्रयासों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, ईरान के सैन्य प्रवक्ता Amir Mohammad Akraminia ने 26 जुलाई को पुष्टि की कि अमेरिका द्वारा दो रातों तक हवाई हमले रोकने के बाद दोनों पक्षों के बीच फिलहाल हमले रुके हुए हैं, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने फिर से हमला शुरू किया तो तनाव और बढ़ सकता है।
समुद्री सीमा और अंतरराष्ट्रीय कानून
क्षेत्रीय मध्यस्थों का मानना है कि दोनों देशों के बीच फिर से बातचीत शुरू करने की कोशिशें सकारात्मक संकेत दे रही हैं। अमेरिकी राजदूत Mike Waltz ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति Trump ने बातचीत के लिए हमलों को कुछ समय के लिए रोका है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना हर स्थिति के लिए तैयार है। इसी बीच, 27 जुलाई को ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज जलडमरूमध्य में छह जहाजों को पकड़ा है, जो गलत रास्तों का इस्तेमाल कर रहे थे। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी अमेरिकी हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और युद्ध अपराध करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
