ईरान के सुप्रीम लीडर के सैन्य सलाहकार Mohsen Rezaee ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि यदि अमेरिका ने अगले दो से तीन दिनों तक ईरान पर अपने सैन्य अभियान को नहीं रोका, तो ईरान पूरी ताकत के साथ आक्रमण और विनाश की कार्रवाई करेगा। यह बयान तब आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव अपने चरम पर है और बातचीत के रास्ते लगभग बंद हो चुके हैं।
समझौता हुआ नाकाम
ईरान और अमेरिका के बीच 17 जून 2026 को एक समझौता हुआ था, लेकिन यह 14 जुलाई 2026 तक आते-आते पूरी तरह टूट गया। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। इसके बाद से अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लगा दी है और लगातार हवाई हमले किए जा रहे हैं। CENTCOM के अनुसार, 17 जुलाई 2026 को लगातार सातवीं रात ईरान के ठिकानों पर हमले किए गए।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव
तनाव का असर खाड़ी के समुद्री रास्तों पर भी दिख रहा है। ईरान ने दावा किया है कि उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक थाई जहाज को रोका है। वहीं, 18 जुलाई 2026 को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बताया कि दो तेल टैंकरों में विस्फोट हुआ है। ईरान ने इसके पीछे अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का हाथ होने का आरोप लगाया है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख Antonio Guterres ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है और नागरिकों से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं पर हो रहे हमलों को गलत बताया है।
