ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसने इस्लामाबाद समझौते के नियमों का पालन नहीं किया तो तेहरान अब कड़ा कदम उठाएगा। ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबबादी ने 8 जुलाई 2026 को यह ऐलान किया। उनका कहना है कि अमेरिका ने समझौते की शर्तों को खुलेआम तोड़ा है।
ग़रीबबादी ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने समझौते के आर्टिकल 10 का पालन नहीं किया। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन ने ईरान के कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और बैंकिंग व इंश्योरेंस जैसी जरूरी सेवाओं के लिए जरूरी छूट (waivers) नहीं दी है।
इसके अलावा ईरान ने अमेरिका पर सैन्य कार्रवाई रोकने के वादे को तोड़ने का आरोप लगाया है। दक्षिणी ईरान में तटीय निगरानी केंद्रों पर अमेरिकी हवाई हमलों को शांति समझौते का बड़ा उल्लंघन बताया गया है। यह समझौता 2026 के ईरान युद्ध को खत्म करने के लिए किया गया था।
इस इस्लामाबाद समझौते को पाकिस्तान ने कतर, सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के समर्थन से तैयार करवाया था। इस समझौते में तुरंत युद्ध रोकने, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को हटाने की बात कही गई थी।
अमेरिका ने 18 जून को नाकाबंदी हटाई और 22 जून को तेल बिक्री के लिए 60 दिनों का लाइसेंस जारी किया। लेकिन ईरान के अधिकारियों का कहना है कि ये कदम काफी नहीं हैं और यह समझौते की मुख्य शर्तों के खिलाफ है।
