ईरान में शहीद हुए अपने बड़े नेता के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं। इस बीच ईरान के सैन्य कमांडरों ने अमेरिका और इसराइल को सख्त चेतावनी दी है कि वे कोई गलत कदम न उठाएं। ईरान ने साफ कह दिया है कि अगर इस दौरान कोई भी गड़बड़ हुई तो उसका जवाब बहुत करारा होगा।
Major General Ali Abdollahi, जो ईरान के Khatam al-Anbiya Central Headquarters के कमांडर हैं, उन्होंने कहा कि अमेरिका और इसराइल जैसे दुश्मनों को कोई भी गलत हिसाब नहीं करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान पर कोई हमला या खतरा आया, तो उसकी सेना बहुत सख्त जवाबी कार्रवाई करेगी। यह बयान गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को राज्य मीडिया के जरिए जारी किया गया।
ईरान की सेना के प्रवक्ता Brigadier General Mohammad Akraminia ने भी पुष्टि की है कि पूरी सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है। देश की सीमाओं पर सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि अंतिम संस्कार के दौरान पूरी सुरक्षा बनी रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि गलती करने वालों को ऐसे जवाब मिलेंगे जिसकी उन्होंने उम्मीद भी नहीं की होगी।
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araqchi ने भी बुधवार, 1 जुलाई 2026 को कहा था कि तेहरान अपने लोगों और नेतृत्व के खिलाफ किसी भी धमकी का तुरंत और ताकतवर जवाब देगा। यह बयान इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz की टिप्पणियों के बाद आया है।
अंतिम संस्कार का कार्यक्रम और सुरक्षा
Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei का अंतिम संस्कार 4 जुलाई से शुरू होगा और 9 जुलाई 2026 को Mashhad में उनकी दफन प्रक्रिया के साथ खत्म होगा। यह कार्यक्रम Tehran, Qom और इराक के पवित्र शहरों Najaf और Karbala में भी आयोजित किए जाएंगे।
सुरक्षा के लिए Tehran और Mashhad जैसे शहरों में हवाई क्षेत्र (airspace) पर अस्थायी रोक लगाई गई है। अंतिम संस्कार मुख्यालय के प्रमुख Brigadier General Hassan Hassanzadeh ने बताया कि यह एक ऐतिहासिक घटना होगी और इसमें लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति और समुद्र में तनाव
- करीब 30 देशों के अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और चीन के वरिष्ठ नेता He Wei भी इसमें हिस्सा लेंगे।
- करीब 600 विदेशी पत्रकार इस पूरी कवरेज के लिए मौजूद रहेंगे।
इसके साथ ही, ईरान की जॉइंट मिलिट्री कमांड ने 2 जुलाई 2026 को चेतावनी दी कि Strait of Hormuz से गुजरने वाले सभी तेल टैंकरों को तय किए गए रास्तों का ही पालन करना होगा। अगर कोई टैंकर रास्ता बदलता है, तो ईरान उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।
