ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने दुनिया को साफ़ संदेश दिया है कि उनका देश ज़रूरत पड़ने पर बातचीत करेगा, लेकिन अगर मजबूरी हुई तो जंग से भी पीछे नहीं हटेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और इसराइल के साथ तनाव चरम पर है। ईरान ने दावा किया है कि पिछले हमलों में अमेरिकी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा है और आने वाले समय में और भी बड़े सरप्राइज मिल सकते हैं।

ईरान के बड़े नेताओं ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी है?

ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने कहा कि राजनयिकों और अधिकारियों के लिए यह मुख्य काम है कि वे ज़रूरत पड़ने पर बातचीत करें और ज़रूरत पड़ने पर लड़ें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर युद्ध फिर से शुरू हुआ, तो अमेरिका को कई और झटके लगेंगे क्योंकि ईरान की रक्षा क्षमता पहले से काफी बढ़ गई है।

  • IRGC की चेतावनी: इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि अगर अमेरिका और इसराइल ने दोबारा हमला किया, तो यह लड़ाई सिर्फ वेस्ट एशिया तक सीमित नहीं रहेगी।
  • संसद स्पीकर का बयान: ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को आगाह किया कि यह एक ऐसा युद्ध होगा जिसे अमेरिका जीत नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान की सेना ने युद्धविराम के समय का इस्तेमाल अपनी ताकत बढ़ाने के लिए किया है।

Operation Epic Fury में अमेरिका को कितना नुकसान हुआ?

एक रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए Operation Epic Fury के दौरान अमेरिका को भारी नुकसान हुआ। यह 40 दिनों तक चला एक हवाई हमला था जिसमें अमेरिकी सेना के कई विमान तबाह हुए या खराब हुए।

विवरण जानकारी
कुल प्रभावित विमान 42 (फिक्स्ड-विंग, रोटरी-विंग और UAVs)
खास नुकसान F-35 फाइटर जेट सहित कई विमान
अनुमानित कुल लागत लगभग 2.6 बिलियन डॉलर
रिपोर्ट का स्रोत Congressional Research Service (13 मई 2026)

अमेरिका और UAE की क्या प्रतिक्रिया रही?

इस पूरे मामले पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिए कि उन्होंने फिलहाल हमले का प्लान रोक दिया है, लेकिन अगले दो या तीन दिनों में फिर से सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि बातचीत में प्रगति हुई है, लेकिन अगर बातचीत फेल हुई तो सैन्य कार्रवाई ‘Option B’ के तौर पर मौजूद है।

दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में UAE के राजदूत Mohamed Abushahab ने कहा कि परमाणु संयंत्रों पर हमला करना एक ‘रेड लाइन’ है और UAE अपने इलाके की रक्षा करने का पूरा अधिकार रखता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Operation Epic Fury क्या था और इसमें क्या हुआ?

यह 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ एक 40 दिनों का अमेरिकी-इसराइली हवाई अभियान था। इसमें अमेरिका के 42 विमान नुकसान पहुंचे, जिनमें F-35 फाइटर जेट भी शामिल था और कुल खर्च 2.6 बिलियन डॉलर आया।

ईरान के विदेश मंत्री ने क्या बयान दिया है?

विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने कहा कि ईरान ज़रूरत पड़ने पर बातचीत करेगा और ज़रूरत पड़ने पर युद्ध लड़ेगा। उन्होंने अमेरिकी सेना को और अधिक नुकसान होने की चेतावनी भी दी है।