लेबनान में इसराइल के हमले के बाद अब ईरान ने अमेरिका और इसराइल को खुली चेतावनी दी है। ईरान का कहना है कि अगर इस तरह की हरकतें जारी रहीं, तो इसके नतीजे बहुत बुरे होंगे। इस हमले ने उस समय तनाव बढ़ा दिया है जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की बात चल रही थी।
ℹ️: ईरान ने अमेरिका और इसराइल को ठहराया जिम्मेदार, लेबनान हमले के बाद बढ़ा तनाव।
क्या हुआ लेबनान में
14 जून 2026 को इसराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाके दाहियेह में एक हवाई हमला किया। यह हमला Hezbollah के मुख्यालय पर हुआ था, जिसमें कम से कम 3 लोगों की मौत हो गई और 15 लोग घायल हुए। इसराइल का दावा है कि यह जगह आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हो रही थी, इसलिए उन्होंने यहाँ हमला किया।
ईरान की तीखी प्रतिक्रिया
ईरान के कई बड़े नेताओं और अधिकारियों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि इस हमले से पता चलता है कि अमेरिका अपने वादों को निभाने में असमर्थ है। उन्होंने संकेत दिया कि अब वाशिंगटन के साथ शांति वार्ता जारी रखना मुश्किल हो सकता है।
वहीं, ईरान के सैन्य अधिकारी Brig. Gen. Mohammad Jafar Asadi ने साफ़ कहा कि इसराइल के इन हमलों का जवाब ज़रूर दिया जाएगा। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने भी चेतावनी दी है कि जवाब बहुत जल्द आएगा और लेबनान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। संसद के Ebrahim Rezaei ने भी चेतावनी दी कि किसी भी समझौते के लिए इसराइल को अनुशासन में लाना ज़रूरी होगा।
अमेरिका और इसराइल का पक्ष
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस हमले की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह हमला नहीं होना चाहिए था, क्योंकि अमेरिका और ईरान एक शांति समझौते के करीब थे। ट्रंप ने सभी देशों से शांत रहने और तुरंत युद्धविराम की अपील की है।
दूसरी तरफ, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और रक्षा मंत्री Israel Katz ने साफ़ किया कि इसराइल अपनी ज़मीन पर होने वाली फायरिंग को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह हमला Hezbollah की आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए किया गया था।
- ईरान: जल्द ही कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी।
- इसराइल: हमले को आतंकी मुख्यालय पर कार्रवाई बताया।
- अमेरिका: ट्रंप ने हमले को गलत बताया और शांति की अपील की।