ईरान का अमेरिका और इसराइल पर बड़ा हमला, कहा बातचीत से काम नहीं चलेगा, तेल की कीमतों में हो सकता है इजाफा
ईरान के रूस में राजदूत Kazem Jalali ने अमेरिका और इसराइल के हमलों को पूरी तरह नाकाम बताया है. उन्होंने साफ़ तौर पर चेतावनी दी है कि वाशिंगटन अब बातचीत की मेज़ पर भी सफल नहीं होगा. इस तनाव के बीच ईरान ने पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता में शामिल होने से मना कर दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है.
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ईरान ने बातचीत से क्यों किया इनकार?
ईरान का कहना है कि अमेरिका की मांगें बहुत ज़्यादा और अव्यावहारिक हैं. वाशिंगटन के रुख में बार-बार बदलाव और विरोधाभास देखा गया है. साथ ही, Strait of Hormuz में अमेरिकी नौसेना द्वारा की गई नाकाबंदी के कारण ईरान ने 20 अप्रैल को पाकिस्तान में होने वाली मीटिंग में जाने से मना कर दिया. राजदूत Jalali के मुताबिक, शांति के लिए एक निष्पक्ष और दोनों पक्षों के फायदे वाले समझौते की ज़रूरत है.
समुद्र में क्या हुआ और इसका क्या असर होगा?
19 अप्रैल को अमेरिकी destroyer USS Spruance ने ईरान के कार्गो शिप Touska पर हमला किया. ईरान ने इसे समुद्री डकैती और युद्धविराम का उल्लंघन बताया है. इसके जवाब में ईरान की सैन्य कमांड Khatam al-Anbiya ने जल्द ही पलटवार करने की बात कही है. Strait of Hormuz के बंद होने की खबरों के बाद अब अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है.
युद्ध के नुकसान और अन्य बड़े अपडेट्स
ईरान के फोरेंसिक चीफ ने बताया कि इसराइल और अमेरिका के साथ चल रहे संघर्ष में अब तक कम से कम 3,375 लोग मारे जा चुके हैं. वहीं लेबनान के Kfarkela इलाके में इसराइल ने बमबारी की है, जिसमें एक UNIFIL शांति सैनिक की मौत हुई है. युद्ध के कारण ईरान ने Rasht–Astara रेलवे प्रोजेक्ट का कॉन्ट्रैक्ट साइन करने का फैसला भी फिलहाल टाल दिया है.
| मुख्य घटना | विवरण |
|---|---|
| नौसेना झड़प | USS Spruance ने Touska शिप पर हमला किया |
| शांति वार्ता | ईरान ने पाकिस्तान में होने वाली मीटिंग से मना किया |
| कुल मौतें | ईरान में 3,375 लोगों की जान गई |
| रेलवे प्रोजेक्ट | Rasht–Astara प्रोजेक्ट का कॉन्ट्रैक्ट टला |
| लेबनान हमला | Kfarkela में इसराइली बमबारी हुई |