ईरान के संसद में नेशनल सिक्योरिटी एंड फॉरेन पॉलिसी कमीशन के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने 26 जुलाई 2026 को एक सख्त चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि ईरान पर किसी भी हमले की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी, जिससे अमेरिका और इसराइल पूरी तरह वाकिफ हैं। इसके साथ ही उन्होंने यूक्रेन को भी आगाह किया कि ईरान अपने खिलाफ हुई किसी भी कार्रवाई का जवाब जरूर देता है। यह बयान कैस्पियन सागर में एक ईरानी कमर्शियल जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद आया है, जिसमें एक नाविक की मौत हो गई थी।

तनाव के बीच कूटनीतिक हलचल

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इस हमले को यूएन चार्टर का उल्लंघन बताया और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की पर इसराइल के इशारे पर हमला करने का आरोप लगाया। इस घटना के बाद ईरान ने यूक्रेन के प्रभारी को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया। वहीं, दूसरी तरफ ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में कुछ समय के लिए तनाव कम हुआ था। 27 जुलाई को ईरान ने घोषणा की कि उसने मध्य पूर्व में अमेरिका के सहयोगियों पर जवाबी हमले रोक दिए हैं।

बातचीत और भविष्य के हालात

अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीतिक प्रयासों के लिए बमबारी को रोका है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाएई ने अमेरिका के इरादों पर संदेह जताया है। रिपोर्ट के अनुसार, 28 जुलाई को इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मुलाकात वाशिंगटन डीसी में राष्ट्रपति ट्रंप से होनी है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने हिजबुल्लाह को अपना समर्थन फिर से दोहराया है और लेबनान में इसराइली आक्रामकता को पूरी तरह खत्म करने की मांग की है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.