अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव, ईरान ने दी चेतावनी कहा अब हो सकती है सैन्य कार्रवाई.

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब और ज्यादा बढ़ गया है। दोनों देशों के बीच एक अहम समझौता खत्म होने के बाद हालात सुधरने के बजाय बिगड़ते नजर आ रहे हैं। ईरानी अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर बातचीत से मामला हल नहीं हुआ, तो वे अमेरिका के खिलाफ सख्त सैन्य कदम उठा सकते हैं। इस चेतावनी के सामने आने के बाद पूरी दुनिया में चिंता का माहौल बन गया है, खासकर खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के बीच.
ईरान के सैन्य अधिकारी का बड़ा बयान
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के राजनीतिक उप प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल यदुल्लाह जवानी ने रविवार रात सरकारी टीवी पर बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने बताया कि ईरानी सेना देश की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। जवानी ने यह भी कहा कि इस लड़ाई की शुरुआत दुश्मन देश ने की थी और अभी तक ईरान ने सिर्फ बचाव किया है, लेकिन हालात ऐसे रहे तो वे आक्रामक रुख भी अपना सकते हैं। उन्होंने दुश्मनों को एक 'रणनीतिक सरप्राइज' के लिए तैयार रहने को कहा है, हालांकि उन्होंने इस हमले या कार्रवाई की कोई खास जानकारी नहीं दी.
हॉर्मुज जलडमरूमध्य और शांति वार्ता पर संकट
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। ईरान ने पहले भी यह बात कही थी कि अगर जरूरत पड़ी तो वह अमेरिका और उसके साथी देशों के जरूरी ठिकानों, जैसे ऊर्जा सुविधाओं और बिजली-पानी के नेटवर्क को निशाना बना सकता है। इन बयानों की वजह से क्षेत्रीय संघर्ष के और ज्यादा फैलने का डर पैदा हो गया है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर चल रही बातचीत इस समय पूरी तरह रुकी हुई है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर दोनों देशों में खींचतान जारी है, जिससे न सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि दुनिया भर में ऊर्जा और तेल की सप्लाई पर भी बड़ा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और भारत से ताल्लुक रखने वाले लोगों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि किसी भी बड़े युद्ध या तनाव का असर सबसे पहले गल्फ की अर्थव्यवस्था और वहां की सुरक्षा पर पड़ता है।