ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। ईरान की सैन्य कमान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर समुद्र में जहाजों की नाकाबंदी जारी रही, तो इसका जवाब बहुत सख्त होगा। इस विवाद की वजह से अब पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बन सकती है।

ℹ️: Iran Update: युद्ध के बीच ईरान ने जताया अपना दम, सरकारी प्रवक्ता बोले अब और बढ़ गया है देश का गौरव

ईरान ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी है?

ईरान के खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने 25 अप्रैल 2026 को एक बयान जारी किया। इस बयान की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • सैन्य कार्रवाई: ईरान ने कहा कि अगर अमेरिका समुद्री लुटेरों की तरह नाकाबंदी जारी रखता है, तो ईरानी सेना निर्णायक सैन्य कार्रवाई करेगी।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान का दावा है कि उसका हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा कंट्रोल है और वह दुश्मन की हर हरकत पर नज़र रख रहा है।
  • पुराना अनुभव: ईरान ने याद दिलाया कि अमेरिका पहले भी उसकी सैन्य ताकत का सामना कर चुका है।
  • बातचीत की शर्त: ईरान ने साफ़ कर दिया है कि जब तक नाकाबंदी नहीं हटेगी, वह युद्धविराम की बातचीत नहीं करेगा।

अमेरिका की कार्रवाई और CENTCOM का बयान

अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने स्वीकार किया है कि वह ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी लागू कर रहा है। इस मामले में अब तक ये बातें सामने आई हैं:

  • जहाजों की रोक: अमेरिकी सेना ने बताया कि अब तक कम से कम 34 जहाजों का रास्ता बदला गया है।
  • USS Rafael Peralta: 24 अप्रैल को अमेरिकी युद्धपोत USS Rafael Peralta ने एक ईरानी जहाज को रोका था।
  • नियम: अमेरिका का कहना है कि यह नाकाबंदी सिर्फ ईरानी बंदरगाहों के लिए है, अन्य देशों के जहाजों को कोई दिक्कत नहीं होगी।

ईरान के अंदरूनी हालात और असर

इस तनाव का असर अब ईरान के आम लोगों और वहां के सिस्टम पर भी पड़ने लगा है। इस बारे में कुछ अहम जानकारियां ये हैं:

  • बिजली की किल्लत: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने नागरिकों से बिजली बचाने की अपील की है क्योंकि अमेरिका और इसराइल के हमलों से ऊर्जा बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचा है।
  • यातायात पर खतरा: ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने चेतावनी दी है कि अगर नाकाबंदी नहीं रुकी, तो समुद्री यातायात पर पाबंदियां लगाई जा सकती हैं।
  • राजनयिक कोशिशें: अमेरिका के कुछ दूत बातचीत के लिए पाकिस्तान गए हैं, हालांकि ईरान के साथ सीधी बातचीत की पुष्टि नहीं हुई है।