ईरान के IRGC Navy ने 17 जुलाई 2026 को अमेरिका को चेतावनी दी है कि वे खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के ऑपरेशंस के लिए जीरो ऑवर के करीब पहुंच रहे हैं। क्षेत्र में तनाव इस कदर बढ़ गया है कि दोनों देशों के बीच लगातार सैन्य कार्रवाई देखी जा रही है। CENTCOM ने पिछले 6 रातों से ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगातार हवाई हमले किए हैं, जिसमें दक्षिणी और पश्चिमी ईरान के कई इलाकों को निशाना बनाया गया है।
हमले और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला
इन हमलों में IRNA की रिपोर्ट के अनुसार 8 लोगों की मौत हुई और 20 लोग घायल हुए हैं। ईरान ने भी इसका जवाब देते हुए बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, ओमान, कतर और सीरिया में स्थित अमेरिकी सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाने का दावा किया है। हालांकि, अमेरिकी सेना ने सीरिया में सैनिकों के मारे जाने की खबरों को पूरी तरह से नकार दिया है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव का असर
अमेरिकी सेना ने फिलहाल ओमान की खाड़ी में नौसैनिक नाकेबंदी कर रखी है, जिससे व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है। IRGC ने साफ कहा है कि जब तक अमेरिका का आक्रामक रवैया जारी रहेगा, तब तक वे इस क्षेत्र से तेल और गैस के निर्यात की अनुमति नहीं देंगे। ईरान के सैन्य अधिकारियों ने अपने नागरिकों को बिजली की खपत कम करने की सलाह दी है क्योंकि पावर ग्रिड पर भारी दबाव बना हुआ है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भी चेतावनी दी है कि अगर बातचीत शुरू नहीं हुई तो ईरान के पावर ग्रिड और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को निशाना बनाया जाएगा। इस बीच चीन और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों ने दोनों देशों से शांति और बातचीत की अपील की है।
