ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार Ali Akbar Velayati ने 22 जुलाई 2026 को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान अब डिटरेंस यानी प्रतिरोध के एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने अमेरिका को आगाह किया है कि अगर ईरान पर कोई भी हमला किया जाता है, तो इसके नतीजे सिर्फ सैन्य क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा।
📰: ईरान की धमकी से बढ़ा तनाव: अमेरिका ने हमला किया तो बंद कर देंगे तेल सप्लाई।
क्या है तनाव की वजह
ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने भी स्पष्ट किया है कि जब तक खाड़ी क्षेत्र से अमेरिकी सेना वापस नहीं जाती, तब तक तेल निर्यात और समुद्री सुरक्षा पर खतरा बना रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य अब पहले जैसी स्थिति में वापस नहीं आएगा। वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच लगातार 11वीं रात भी सैन्य हमलों का सिलसिला जारी है।
तेल टैंकरों और व्यापार पर असर
क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच 22 जुलाई को लाल सागर में कम से कम सात तेल टैंकरों को वापस मुड़ना पड़ा। यमन के हूतियों ने इस इलाके में नाकाबंदी का ऐलान किया है। ईरान के सैन्य सलाहकार Mohsen Rezaee ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर अमेरिकी सैन्य अभियान जारी रहते हैं, तो अब बातचीत और कूटनीति के रास्ते बंद हो गए हैं और ईरान अपनी पूरी ताकत से इसका जवाब देगा।
