ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी, कूटनीति में बरतने को कहा सावधानी, साजिशों का जताया डर
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. ईरान ने साफ कहा है कि अमेरिका पर भरोसा नहीं किया जा सकता और बातचीत के दौरान बहुत सावधान रहने की जरूरत है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि कूटनीति में सावधानी रखना युद्ध के समय से भी ज्यादा जरूरी है.
अमेरिका की साजिशों को लेकर ईरान क्यों है परेशान?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका अपनी पुरानी आदतों को दोहरा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि बातचीत के दौरान दुश्मन की साजिशों से बचना सरकारी सिस्टम और बातचीत करने वाली टीम की जिम्मेदारी है. ईरान का मानना है कि अमेरिका बार-बार विश्वासघात कर रहा है और वह अपनी बातों पर टिका नहीं रहता.
पुरानी घटनाओं और हमलों का क्या है असर?
ईरान ने पिछले एक साल के कड़वे अनुभवों का जिक्र किया है. प्रवक्ता ने बताया कि अमेरिका ने नौ महीने के अंदर दो बार कूटनीति को धोखा दिया और अंतरराष्ट्रीय कानूनों को तोड़ा. ईरान का कहना है कि वह पिछले साल के नुकसान और सबक को भूल नहीं सकता. वर्तमान सीजफायर के बीच अमेरिका की शर्तें एक धोखा हो सकती हैं ताकि वह फिर से हमला कर सके.
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रवक्ता का नाम | Esmaeil Baqaei |
| प्रमुख आरोप | 9 महीने में 2 बार कूटनीति में धोखा |
| बड़ी घटना | 28 फरवरी को अमेरिका और इसराइल का हमला |
| मुख्य क्षति | Ayatollah Seyyed Ali Khamenei और सैन्य कमांडरों की शहादत |
| वर्तमान स्थिति | सीजफायर और कूटनीतिक बातचीत |
| ईरान की मांग | बातचीत में अत्यधिक सावधानी और सतर्कता |