ईरान के सैन्य प्रवक्ता मोहम्मद अकरमनिया ने 16 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने को प्राथमिकता देता है। उन्होंने कहा कि ईरान का इरादा किसी भी पड़ोसी देश या इस्लामिक राष्ट्र के साथ टकराव का नहीं है। हालांकि, उन्होंने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिकी हमले बंद नहीं हुए, तो ईरान का जवाब उनके सोचने से कहीं ज्यादा कठोर होगा।
पड़ोसी देशों को ईरान की चेतावनी
ईरान के सैन्य मुख्यालय खतम अल-अनबिया के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोलफगारी ने कहा कि यदि ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ, तो पूरे क्षेत्र का बुनियादी ढांचा तबाह कर दिया जाएगा। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिकी दखल बर्दाश्त नहीं करेगा। इसके साथ ही, ईरान ने चेतावनी दी है कि जो भी पड़ोसी देश अमेरिकी सैनिकों को अपने यहां बेस देगा और उनके जरिए ईरान पर हमला करवाएगा, उसे इसका अंजाम भुगतना होगा।
भारत ने जारी की एडवाइजरी
क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत ने एक महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। भारत ने अपने जहाज के क्रू मेंबर्स को होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले रास्तों पर जाने से मना किया है। वहीं, अमेरिकी सेना ने ईरान की शिपिंग रोकने की क्षमता को कम करने के लिए नए हमले किए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि वे कतर, पाकिस्तान और ओमान के साथ मिलकर तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अगर अमेरिका ने अपने वादे पूरे नहीं किए, तो ईरान भी पुराने समझौतों का पालन नहीं करेगा।
