ईरान की सेना ने अमेरिका को सीधी चेतावनी दी है कि उनके Dena जंगी जहाज पर हुए हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा। 4 मार्च 2026 को श्रीलंका के तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी ने इस जहाज पर टॉरपीडो से हमला किया था। इस घटना में ईरान के 104 नौसैनिकों की जान चली गई है। ईरान के सेना प्रमुख मेजर जनरल अब्दोलरहीम मौसवी ने इसे एक कायरतापूर्ण हरकत बताया है और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया है।

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हमले में कितने नौसैनिकों की हुई मौत

इस हमले के बाद श्रीलंका की नौसेना ने बचाव कार्य शुरू किया था। ईरान के अधिकारियों ने नुकसान का जो आधिकारिक आंकड़ा दिया है वह काफी बड़ा है।

  • कुल नौसैनिक: हमले के समय जहाज पर 130 से 136 लोग सवार थे।
  • मौत: इस हमले में कुल 104 नौसैनिक मारे गए हैं।
  • घायल: 32 लोग घायल हुए हैं।
  • लापता: करीब 20 नौसैनिक अभी भी लापता हैं।

13 मार्च 2026 को श्रीलंका ने 84 ईरानी नौसैनिकों के शवों को ईरान वापस भेज दिया है। जो 32 नौसैनिक जिंदा बचे हैं उनका इलाज श्रीलंका के गाले स्थित एक अस्पताल में चल रहा है। दोनों देशों के अधिकारी आपसी बातचीत से उन्हें जल्द तेहरान वापस लाने की तैयारी कर रहे हैं।

हमले को लेकर अमेरिका और ईरान का बयान

ईरान का कहना है कि Dena जहाज भारत में Milan 2026 अभ्यास से लौट रहा था और यह एक शांति मिशन का हिस्सा था। ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि अमेरिका को इस अपराध के लिए पछताना पड़ेगा। दूसरी तरफ अमेरिका के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। अमेरिका का कहना है कि दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध के कारण यह हमला नौसेना युद्ध के नियमों के तहत सही है।

कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ अब इस बात पर बहस कर रहे हैं कि अमेरिका ने जेनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन किया है या नहीं, क्योंकि अमेरिकी नौसेना हमले के बाद बचाव कार्य किए बिना वहां से चली गई थी। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहली बार है जब अमेरिका ने किसी दुश्मन युद्धपोत को इस तरह टॉरपीडो से उड़ाया है। इस हमले के बाद ईरान में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.