तेहरान ने अमेरिका को साफ चेतावनी दी है कि यदि वाशिंगटन पांच महीने से जारी विवाद को खत्म करने के अपने वादों को पूरा नहीं करता है, तो ईरान भी अंतरिम समझौते का पालन करना बंद कर देगा। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने सोमवार 13 जुलाई 2026 को कहा कि अगर दूसरी तरफ से वादे नहीं निभाए गए, तो ईरान भी जून में हुए परमाणु समझौते की शर्तों को मानने के लिए मजबूर नहीं होगा।
🗞️: Oman Inflation News: ओमान में महंगाई ने पकड़ी रफ़्तार, जून में 2.8 प्रतिशत तक पहुंची कीमतें।
तनाव के बीच सैन्य कार्रवाई और होर्मुज जलडमरूमध्य का विवाद
क्षेत्र में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि 13 जुलाई को अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर फिर से हमले किए। इन हमलों का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखना है। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने कहा कि ईरान ने गलत रास्ता चुना है और अब उसे इसका परिणाम भुगतना होगा। वहीं, ईरान ने इन हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया है। जॉर्डन की सेना ने भी ईरान की चार मिसाइलों को मार गिराने की सूचना दी है, जो जवाबी कार्रवाई के तौर पर दागी गई थीं।
समझौते का भविष्य अब खतरे में
अप्रैल 2026 में हुए संघर्ष विराम को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 8 जुलाई 2026 को खत्म घोषित कर दिया था, हालांकि उन्होंने बातचीत जारी रखने की बात कही है। इस अंतरिम समझौते में सैन्य अभियानों को रोकने, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाने जैसी कई शर्तें शामिल थीं। रक्षा विशेषज्ञ Alex Alfirraz Scheers का मानना है कि वर्तमान में यह समझौता जीवन रक्षक प्रणाली (life support) पर है और होर्मुज क्षेत्र में स्थिति काफी खतरनाक बनी हुई है।
