ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने साफ कह दिया है कि Strait of Hormuz में बाहरी देशों का कोई हक नहीं है। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर वह समुद्री रास्तों में दखल देगा, तो इसका जवाब बहुत करारा होगा।
ईरान के मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि Strait of Hormuz केवल ईरान के नियमों से चलेगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर हमला हुआ, तो पलटवार भी होगा। ईरान के Khatam al-Anbiya सेंट्रल हेडक्वार्टर ने ऐलान किया कि अगर उन पर हमला हुआ, तो इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और दुश्मन के एक निशाने के बदले दो जगह हमले किए जाएंगे।
यह तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 8 जुलाई को कहा कि ईरान के साथ शांति समझौता अब खत्म हो चुका है। उन्होंने यह फैसला ईरान द्वारा व्यापारिक जहाजों पर किए गए हमलों के बाद लिया।
पिछले 24 घंटों में दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिका ने ईरान के तटीय इलाकों में करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। जवाब में ईरान ने Kuwait, Bahrain और Qatar में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
IRNA न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, 9 जुलाई को हुए अमेरिकी हमलों में ईरान के तीन लोग मारे गए और कई घायल हुए। हमले Bandar Abbas और Bushehr जैसे शहरों में हुए और Bushehr न्यूक्लियर पावर प्लांट के बाहरी इलाके में भी विस्फोट हुए। Iranshahr में भी एक व्यक्ति की मौत हुई है।
अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से यह रास्ता सभी के लिए खुला है, लेकिन ईरान इसे अपना अधिकार मानता है। ईरान का कहना है कि हमलावर देशों के जहाजों को वह इस रास्ते से जाने की अनुमति नहीं देगा।
