ईरान और इसराइल के बीच तनाव एक बार फिर काफी बढ़ गया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक्छी (Seyed Abbas Araghchi) ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने अमेरिका से कहा है कि वह इसराइल पर लगाम लगाए, जिसे उन्होंने “अपना पालतू” बताया है। यह चेतावनी इसराइली रक्षा मंत्री के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने ईरान के नेतृत्व को निशाना बनाने की बात कही थी।
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इसराइली रक्षा मंत्री ने क्या बयान दिया था?
इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ (Israel Katz) ने हाल ही में बयान दिया था कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) को खत्म किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर ईरान ने इसराइल पर मिसाइलें दागीं, तो दो दिनों के भीतर युद्ध शुरू हो सकता है। इसके साथ ही उन्होंने इसराइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) को ईरान में सैन्य अभियान के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया था।
ईरान ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
इसराइली रक्षा मंत्री के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के विदेश मंत्री अराक्छी ने कहा कि अगर इसराइल ने अपने मालिक की बात नहीं मानी, तो ईरान उन्हें सबक सिखाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ किसी भी खतरे का तुरंत और बेहद कड़ा जवाब दिया जाएगा। अराक्छी ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14-सूत्रीय “इस्लामाबाद समझौते (Islamabad MoU)” का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसराइल को नियंत्रण में रखने की प्रतिबद्धता जताई थी।
दोहा में चल रही है बातचीत
इस बढ़ते तनाव के बीच, कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही है। इस बातचीत में ईरान के रोके गए पैसे को जारी करने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के हालातों पर चर्चा हो रही है। हालांकि, इसराइली अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि वे इस समझौते का हिस्सा नहीं हैं और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए अपनी कार्रवाई जारी रखेंगे।
