ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की नई धमकियों के बाद ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए इसे नई बेवकूफी करार दिया है। इस बीच Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही और तेल निर्यात को लेकर दोनों देशों के बीच खींचतान जारी है।

ईरान ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी और राष्ट्रपति ने क्या कहा?

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साफ़ किया कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन वह ताकत के आगे कभी नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा कि धमकियों और दादागिरी की भाषा से कुछ हासिल नहीं होगा। राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि अगर मौजूदा असुरक्षा को खत्म किया जाता है, तो Strait of Hormuz में जहाजों के आने-जाने की स्थिति फिर से सामान्य हो जाएगी। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने फारस की खाड़ी के देशों से अपील की है कि वे सुरक्षा के लिए बाहरी ताकतों पर निर्भर न रहें।

Strait of Hormuz और तेल निर्यात को लेकर क्या विवाद है?

  • तेल निर्यात पर रोक: अमेरिका ने ईरान के तेल निर्यात पर नाकाबंदी लगा दी है ताकि ईरान को शांति समझौते के लिए अपनी शर्तों पर माना जा सके।
  • UN में टकराव: अमेरिका और Bahrain ने Strait of Hormuz को लेकर एक प्रस्ताव पेश किया था, लेकिन Russia और China ने इसे गलत बताते हुए वीटो कर दिया।
  • रूस का रुख: रूस के प्रतिनिधि Mikhail Ulyanov ने अमेरिकी प्रस्ताव की आलोचना की और कहा कि यह सही नहीं था।
  • चीन की राय: चीन के UN राजदूत ने भी इस प्रस्ताव के समय और उसकी सामग्री को अनुचित बताया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के राष्ट्रपति ने बातचीत को लेकर क्या कहा?

राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में संवाद के लिए तैयार है, लेकिन वह किसी भी सैन्य दबाव या जबरदस्ती के आगे नहीं झुकेगा।

रूस और चीन ने अमेरिका के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया?

रूस और चीन ने Strait of Hormuz पर अमेरिका और Bahrain द्वारा लाए गए प्रस्ताव को अनुचित माना और इसे वीटो कर दिया, क्योंकि उनकी नजर में इसकी टाइमिंग और कंटेंट सही नहीं था।