ईरान के Kharg Island को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा इस द्वीप पर कब्जा करने की धमकी के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाया है। 20 जुलाई को ईरान के प्रवक्ता ने साफ कर दिया कि यदि ऐसी कोई कोशिश की गई तो वहां के स्थानीय निवासी इसका कड़ा जवाब देंगे और अमेरिका को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
क्या है पूरा मामला और क्यों बढ़ रहा है तनाव
Kharg Island ईरान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि देश का लगभग 90% कच्चा तेल यहीं से निर्यात किया जाता है। Donald Trump ने मार्च और अप्रैल के दौरान इस तेल टर्मिनल और वहां के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की बात कही थी, जिसे उन्होंने 8 जुलाई को फिर से दोहराया। जवाब में ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि ईरान इन धमकियों का सामना पूरी हिम्मत और ठोस कार्रवाई के साथ करेगा।
सैन्य गतिविधियों और राजनयिक स्थिति पर असर
तनाव का असर जमीनी स्तर पर भी दिख रहा है। 17 जुलाई को Kharg Island पर खड़े एक खाली तेल टैंकर पर अमेरिकी मिसाइल हमला हुआ। इसके अलावा Bushehr और Tabriz जैसे शहरों में भी विस्फोट की खबरें सामने आई हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने बताया कि देश अब कूटनीति के साथ-साथ अपनी सेना को पूरी तरह से तैयार रख रहा है। हालांकि, अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio का कहना है कि वे अभी भी बातचीत के जरिए समाधान के पक्ष में हैं, लेकिन व्हाइट हाउस में इस द्वीप पर कब्जा करने की संभावनाओं पर चर्चा की खबरें भी सामने आ रही हैं। जानकारों का मानना है कि दक्षिण ईरान में किसी भी तरह का जमीनी सैन्य अभियान एक बड़ी गलती साबित हो सकता है।
