ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी तरीके का इस्तेमाल कर सकता है। इस बीच ईरान ने अमेरिका को एक बड़ा प्रस्ताव भी दिया है ताकि खाड़ी देशों में शांति बनी रहे और व्यापारिक जहाजों का रास्ता साफ हो सके।

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ईरान ने UN में अमेरिका और इसराइल पर क्या आरोप लगाए?

संयुक्त राष्ट्र (UN) में ईरान के दूत Amir Saeid Iravani ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में शांति तभी आएगी जब ईरान पर हमले पूरी तरह रुकेंगे। उन्होंने अमेरिका पर समुद्री जहाजों की नाकाबंदी करने का आरोप लगाया। Iravani ने अमेरिका के इस रवैये को समुद्री लुटेरों और आतंकवादियों जैसा बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका व्यापारिक जहाजों को डराकर उन्हें बंधक बना रहा है और उनके चालक दल को परेशान कर रहा है।

Strait of Hormuz को लेकर ईरान का क्या प्रस्ताव है?

ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक बड़ा ऑफर भेजा है। इस प्रस्ताव के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • नाकाबंदी खत्म करना: अगर अमेरिका ईरान पर लगी नाकाबंदी हटाता है और युद्ध रोकता है, तो ईरान Strait of Hormuz पर लगी अपनी पाबंदियां हटा लेगा।
  • परमाणु मुद्दा: इस डील में परमाणु कार्यक्रम (nuclear program) पर चर्चा को कुछ समय के लिए टालने का सुझाव दिया गया है।
  • अमेरिकी प्रतिक्रिया: अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने इसे खारिज करते हुए कहा कि बिना परमाणु मुद्दे के कोई भी समझौता मंजूर नहीं होगा।

रूस और ईरान की मुलाकात में क्या बात हुई?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin से मुलाकात की। पुतिन ने ईरान की संप्रभुता के लिए लड़ने की तारीफ की और क्षेत्र में शांति का समर्थन किया। Araghchi ने कहा कि अमेरिका अपने लक्ष्यों को हासिल नहीं कर पाया है और अब वह बातचीत करने की कोशिश कर रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच मुख्य विवाद क्या है?

मुख्य विवाद Strait of Hormuz की नाकाबंदी और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। ईरान सुरक्षा गारंटी चाहता है जबकि अमेरिका परमाणु हथियारों पर रोक चाहता है।

इस मामले में पाकिस्तान की क्या भूमिका रही?

पाकिस्तान ने एक मध्यस्थ की भूमिका निभाई और ईरान के उस प्रस्ताव को अमेरिका तक पहुँचाया जिसमें नाकाबंदी हटाने के बदले Strait of Hormuz को खोलने की बात थी।