मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। ईरान की सेना ने साफ तौर पर कहा है कि अमेरिका और इसराइल के साथ युद्ध होने की पूरी संभावना है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका पुराने समझौतों को नहीं मान रहा है और सिर्फ अपने फायदे के लिए चालें चल रहा है। इस खबर के बाद पूरी दुनिया की नजरें अब इस क्षेत्र पर टिक गई हैं।
ईरान ने युद्ध की चेतावनी क्यों दी और उसका क्या कहना है?
ईरान की मिलिट्री हेडक्वार्टर के डिप्टी कमांडर Mohammad Jafar Asadi ने 2 मई 2026 को एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इसराइल के साथ दोबारा टकराव होना मुमकिन है। Asadi के मुताबिक, अमेरिका जानबूझकर मीडिया का सहारा ले रहा है ताकि तेल की कीमतें न गिरें और वह क्षेत्रीय समस्याओं से बच सके। उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान की सेना किसी भी तरह की नई हरकत या बेवकूफी का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
वहीं, ईरान के न्याय विभाग के प्रमुख Gholamhossein Mohseni Ejei ने 1 मई को कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन वह किसी के द्वारा थोपी गई शांति की शर्तों को स्वीकार नहीं करेगा।
अमेरिका और इसराइल के मोर्चे पर क्या चल रहा है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के शांति प्रस्ताव पर अपनी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि ईरान के नेतृत्व के बीच बहुत मतभेद हैं, जिसकी वजह से बातचीत रुकी हुई है। हालांकि, Trump ने अमेरिकी कांग्रेस को यह जानकारी दी कि 7 अप्रैल 2026 से ईरान के साथ सैन्य टकराव खत्म हो चुका है।
- हथियारों की बिक्री: अमेरिका ने 1 मई 2026 को इसराइल और कतर जैसे अपने सहयोगियों को बड़े पैमाने पर हथियार बेचने की मंजूरी दी।
- लेबनान में हमला: 1 मई को इसराइल ने दक्षिणी लेबनान के हब्बौश शहर में हमले किए, जिसमें कई लोग मारे गए।
- प्रतिबंध की चेतावनी: अमेरिकी ट्रेजरी विभाग और OFAC ने शिपिंग कंपनियों को चेतावनी दी है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने के लिए ईरान को भुगतान करने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध लग सकते हैं।
अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम और सर्वे के नतीजे
तनाव के बीच ईरान ने इसराइल के लिए जासूसी करने के आरोप में दो लोगों को फांसी दी है। दूसरी ओर, अमेरिका के अंदर ही इस सैन्य कार्रवाई को लेकर विरोध दिख रहा है। एक सर्वे में पाया गया कि 61 प्रतिशत अमेरिकी नागरिक ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को एक गलती मानते हैं। साथ ही, जर्मनी ने अमेरिका द्वारा वहां से 5,000 सैनिकों को वापस बुलाने के फैसले को स्वीकार किया है और कहा है कि अब यूरोपीय देशों को अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठानी होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाया है?
ईरान का कहना है कि अमेरिका समझौतों का पालन नहीं कर रहा है और वह तेल की कीमतों को गिरने से रोकने के लिए मीडिया के जरिए माहौल बना रहा है।
क्या अमेरिका और ईरान के बीच शांति की कोई उम्मीद है?
ईरान बातचीत के लिए तैयार है लेकिन थोपी गई शर्तों के खिलाफ है, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्तावों पर असंतोष जताया है।