ईरान इस समय दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ क्षेत्रीय तनाव और युद्ध के हालात हैं, तो दूसरी तरफ देश में पानी का भयंकर अकाल पड़ गया है। राजधानी तेहरान सहित कई इलाकों में हालात इतने खराब हो गए हैं कि वहां ‘डे-ज़ीरो’ यानी पानी पूरी तरह खत्म होने की आहट सुनाई दे रही है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने चेतावनी दी है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो सरकार को राजधानी तेहरान को कहीं और शिफ्ट करना पड़ सकता है क्योंकि शहर की पारिस्थितिक स्थिति अब रहने लायक नहीं बची है।

जंग के बीच जल संकट और खाड़ी देशों पर असर

युद्ध अब केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा है बल्कि पानी के बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया जा रहा है। इसका सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और वहां काम करने वाले भारतीयों पर भी पड़ सकता है। खाड़ी के देशों में पीने के पानी के लिए डिसेलिनेशन प्लांट पर निर्भरता बहुत ज्यादा है।

  • पानी के प्लांट पर हमले: बहरीन के एक डिसेलिनेशन प्लांट पर ड्रोन हमला हुआ जिससे वहां हड़कंप मच गया।
  • काेश्म आइलैंड का संकट: ईरान के काेश्म आइलैंड पर बने प्लांट पर हमले से 30 गाँवों में पानी की सप्लाई बंद हो गई है।
  • प्रवासियों की चिंता: खाड़ी देशों के 400 से ज्यादा प्लांट पूरे क्षेत्र की 90% पानी की जरूरत पूरी करते हैं, इनका असुरक्षित होना बड़ी मानवीय आपदा ला सकता है।

तेहरान के बांधों की हालत और बढ़ती महंगाई

राजधानी तेहरान में पिछले 6 सालों से सूखा पड़ रहा है और इस साल बारिश सामान्य से 65% कम दर्ज की गई है। जमीनी पानी के अंधाधुंध इस्तेमाल से तेहरान की जमीन हर साल 30 सेंटीमीटर तक नीचे धंस रही है। खेती ठप होने से खाने-पीने की चीजों के दाम 64% तक बढ़ गए हैं।

बांध का नाम वर्तमान क्षमता स्थिति
आमिर कबीर (Amir Kabir) 1% अत्यंत गंभीर
लार बांध (Lar Dam) 1% अत्यंत गंभीर
लत्यान बांध (Latyan Dam) 10% से कम खतरे के निशान पर

क्या है ईरान का भविष्य और सरकारी योजना?

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका पर पानी के प्लांट को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। सरकार अब पानी की भारी खपत वाले स्टील और पेट्रोकेमिकल उद्योगों को मध्य ईरान से हटाकर तटीय इलाकों में ले जाने की योजना बना रही है। तेहरान में पानी की राशनिंग शुरू कर दी गई है और रात के समय पानी की सप्लाई का दबाव कम किया जा रहा है ताकि पूरी तरह सप्लाई बंद होने से बचा जा सके।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.