ईरान ने पश्चिम एशिया के तनाव को कम करने के लिए भारत की भूमिका पर बड़ा भरोसा जताया है। ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर काज़ेम ग़रीबाबदी ने कहा है कि अगर भारत इस संकट को सुलझाने के लिए कोई भी कदम उठाता है, तो ईरान उसका दिल खोलकर स्वागत करेगा। उन्होंने नई दिल्ली में होने वाली BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले भारत के निष्पक्ष रवैये की जमकर तारीफ की है।

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भारत की भूमिका और BRICS मीटिंग में क्या हुआ

ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर काज़ेम ग़रीबाबदी ने 12 और 13 मई 2026 को मीडिया से बात करते हुए बताया कि भारत हमेशा से शांति के पक्ष में रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का तरीका निष्पक्ष है, इसलिए नई दिल्ली की कोई भी कूटनीतिक पहल क्षेत्रीय तनाव को कम करने में मददगार होगी। यह बातें तब सामने आईं जब भारत BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की मीटिंग की मेजबानी कर रहा था। ईरान ने यह भी कहा कि भारत और ईरान के बीच गहरे सांस्कृतिक रिश्ते हैं और दोनों देश एक ही संस्कृति के दो हिस्से जैसे हैं।

UAE, अमेरिका और इसराइल को लेकर ईरान के आरोप

ईरान ने BRICS देशों के बीच सहमति न बन पाने का आरोप UAE पर लगाया है। ग़रीबाबदी के मुताबिक, UAE वह एकमात्र पड़ोसी देश है जो BRICS के साझा बयान में ईरान की निंदा करने वाली भाषा डालने की ज़िद कर रहा है, जिससे सभी देशों के बीच सहमति नहीं बन पाई। वहीं, उन्होंने अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका ने इस संकट को सुलझाने के लिए कोई गंभीर कोशिश नहीं की और कुछ देशों की ज़मीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया। इसराइल के बारे में उन्होंने दावा किया कि उसे केवल ईरानी मिसाइलों ने ही हराया है।

चाबहार पोर्ट और होर्मुज जलडमरूमध्य पर क्या है प्लान

ईरान के लिए चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट बहुत ज़रूरी है और उन्होंने माना कि भारत इसमें अपनी दिलचस्पी बढ़ा रहा है। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुज़रने वाले व्यापारिक जहाजों के लिए ईरान एक नया सर्विस और पेमेंट ढांचा तैयार कर रहा है। ईरान का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करेगा और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका की आक्रामकता और नाकाबंदी को खत्म नहीं किया गया, तो कोई भी समाधान अधूरा रहेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने भारत से क्या उम्मीद जताई है?

ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर ने कहा कि भारत का रवैया निष्पक्ष है, इसलिए पश्चिम एशिया के संकट को खत्म करने के लिए भारत की किसी भी पहल का ईरान स्वागत करेगा।

BRICS देशों के बीच साझा बयान क्यों नहीं बन पाया?

ईरान का आरोप है कि UAE सदस्य देशों के बीच ऐसी भाषा डालने का दबाव बना रहा था जिससे ईरान की निंदा हो, जिसकी वजह से सभी देशों में सहमति नहीं बन सकी।