ईरान ने World Health Organization (WHO) की असेंबली में एक बड़ा बयान दिया है। ईरान का कहना है कि स्कूलों और अस्पतालों जैसे नागरिक ठिकानों पर हमला करना सीधे तौर पर युद्ध अपराध है। ईरान ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाते हुए अमेरिका और इसराइल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ईरान के आरोप और अंतरराष्ट्रीय नियमों की बात
IRNA न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, ईरान ने WHO असेंबली को बताया कि नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन है। ईरान के Human Rights Headquarters ने साफ़ तौर पर कहा कि अमेरिका और इसराइल द्वारा अस्पतालों, राहत केंद्रों और स्कूलों पर किए गए हमले युद्ध अपराध की श्रेणी में आते हैं।
- नियम: अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, युद्ध के दौरान आम नागरिकों और उनकी संपत्तियों को निशाना बनाना मना है।
- मांग: संयुक्त राष्ट्र (UN) और Plan International जैसे संगठनों ने भी युद्ध रोकने और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने की मांग की है।
- रिपोर्ट: फैक्ट-फाइंडिंग मिशन ने कहा कि अगर नागरिक ठिकानों पर जानबूझकर हमले हुए हैं, तो इसे युद्ध अपराध माना जाएगा।
कितना हुआ नुकसान और क्या हैं आंकड़े
इस संघर्ष में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। अलग-अलग रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं जो स्थिति की गंभीरता को बताते हैं।
- इमारतों का नुकसान: Iranian Red Crescent Society के अनुसार, करीब 800 स्कूल और 300 से ज्यादा स्वास्थ्य केंद्र या तो पूरी तरह तबाह हो गए हैं या उन्हें भारी नुकसान पहुँचा है।
- जानी नुकसान: एक रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 3,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, जिनमें 216 बच्चे और 251 महिलाएं शामिल हैं।
- अन्य रिपोर्ट: New York Times ने अपनी रिपोर्ट में 22 स्कूलों और 17 स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभावित होने की बात कही थी।
अमेरिका का इस पर क्या कहना है
इन आरोपों पर अमेरिका के सैन्य अधिकारियों ने अलग रुख अपनाया है। 14 मई 2026 को US Central Command के एडमिरल ब्रैड कूपर ने बयान दिया कि अमेरिकी रक्षा विभाग उन रिपोर्टों की जांच नहीं कर रहा है जिनमें स्कूलों और अस्पतालों के नष्ट होने का दावा किया गया है। एडमिरल कूपर का कहना था कि उनके पास ऐसे किसी भी हमले की पुष्टि करने वाली कोई जानकारी नहीं है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने WHO असेंबली में क्या मुद्दा उठाया
ईरान ने कहा कि स्कूलों और अस्पतालों पर हमला करना युद्ध अपराध है और अमेरिका व इसराइल ने नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया है।
नागरिक बुनियादी ढांचे को कितना नुकसान पहुँचा है
Iranian Red Crescent Society के मुताबिक करीब 800 स्कूल और 300 से ज्यादा स्वास्थ्य केंद्र क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि कुल मौतों का आंकड़ा 3,000 के पार पहुँच गया है।
