पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली दूसरी दौर की बातचीत फेल हो गई है। ईरान ने आखिरी समय पर इस मीटिंग में शामिल होने से मना कर दिया, जिससे मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान के अधिकारियों में काफी नाराजगी है। इस तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने युद्धविराम (ceasefire) की समय सीमा को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया है।

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ईरान ने बातचीत से क्यों किया इनकार

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाए ने बताया कि अमेरिका की कुछ हरकतें उनके लिए स्वीकार नहीं थीं। ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में नौसेना की नाकाबंदी की और एक ईरानी कंटेनर जहाज को जब्त कर लिया। वहीं ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागर कलीबाफ ने कहा कि वे धमकियों के साये में बातचीत नहीं करेंगे और वे युद्ध के मैदान में नए कदम उठाने के लिए तैयार हैं।

पाकिस्तान और अमेरिका की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने पुष्टि की कि ईरान ने बातचीत में आने की औपचारिक पुष्टि नहीं की थी। पाकिस्तानी राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व ने इस मीटिंग को सफल बनाने के लिए 24 घंटे कड़ी मेहनत की थी, लेकिन ईरान के पीछे हटने से वे गुप्त रूप से नाराज हैं। दूसरी तरफ, अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance वॉशिंगटन में ही रुके रहे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वे तेहरान से एक ठोस प्रस्ताव का इंतजार कर रहे हैं।

ताजा हालात और बढ़ता तनाव

22 अप्रैल 2026 की सुबह ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर जहाज पर फायरिंग कर दी, जिससे जहाज को काफी नुकसान पहुँचा है। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रम्प ने पाकिस्तान के अनुरोध पर युद्धविराम को बढ़ा दिया है, लेकिन ईरान के रुख ने शांति की उम्मीदों को कमजोर कर दिया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.