ईरान में महिलाओं और बच्चियों की जान जा रही है और दुनिया इस पर चुप है. अमेरिका और इसराइल की मिसाइलों ने कई मासूमों को निशाना बनाया है. अब इस मामले पर पश्चिमी देशों के नारीवादी संगठनों की चुप्पी पर बड़े सवाल उठ रहे हैं.

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मिसाइल हमलों में कितने लोगों की जान गई?

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने डेटा जारी किया है जिसके मुताबिक पिछले 40 दिनों में हुए हमलों में 251 महिलाएं और 216 बच्चे मारे गए. सबसे दुखद घटना Minab शहर में हुई जहाँ एक लड़कियों के स्कूल पर मिसाइल हमला हुआ. इस हमले में 165 से ज्यादा बच्चों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर छोटी लड़कियां थीं. रिपोर्ट में इन हमलों के लिए अमेरिकी सेना को जिम्मेदार ठहराया गया है.

पश्चिमी देशों की चुप्पी पर क्या आरोप लगे?

इरानी कानूनी विशेषज्ञ और रॉयल हॉलोवे यूनिवर्सिटी की लेक्चरर Sahar Maranlou ने Al Jazeera English में एक लेख लिखा है. उन्होंने कहा कि 2022 और 2023 में जब ईरानी महिलाएं अपने ही देश की सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही थीं, तब पश्चिमी देशों के नारीवादी समूहों ने उनका बहुत समर्थन किया था. लेकिन अब जब वही महिलाएं और बच्चे विदेशी मिसाइलों का शिकार हो रहे हैं, तो वही संस्थाएं एकदम खामोश हैं. उन्होंने इसे चयनात्मक एकजुटता का नाम दिया है, जहाँ कुछ खास तरह की हिंसा को तो देखा जाता है लेकिन दूसरों को नजरअंदाज कर दिया जाता है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Minab में क्या घटना हुई थी?

Minab में एक लड़कियों के स्कूल पर मिसाइल हमला हुआ था, जिसमें 165 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई थी. इस हमले को अमेरिकी स्ट्राइक्स का नतीजा बताया गया है.

ईरान स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्या आंकड़े दिए हैं?

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 40 दिनों के हमलों में कुल 251 महिलाएं और 216 बच्चों की जान गई है.