ईरान में मौजूद विश्व धरोहर स्थलों पर हुए हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है। IRNA न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2026 में हुए हवाई हमलों के दौरान तेहरान के Golestan Palace और इस्फहान के Chehel Sotoun Palace जैसी ऐतिहासिक इमारतों को काफी नुकसान पहुँचा है। इस मामले में ईरान के अधिकारियों ने अमेरिका और इज़राइल पर सीधे आरोप लगाए हैं और इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया है।

किन ऐतिहासिक स्थलों को पहुँचा नुकसान और क्या है वर्तमान स्थिति?

ईरान के सांस्कृतिक विरासत मंत्रालय ने जानकारी दी है कि हालिया संघर्ष के दौरान अब तक कम से कम 56 संग्रहालयों और ऐतिहासिक स्मारकों को गंभीर नुकसान पहुँचा है। इस्फहान के गवर्नर ने इस घटना को एक प्राचीन सभ्यता के खिलाफ युद्ध का ऐलान बताया है। यूनेस्को (UNESCO) ने भी तेहरान के Golestan Palace को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की है और सभी पक्षों को इन स्थलों की लोकेशन भेज दी है ताकि भविष्य में सावधानी बरती जा सके।

  • तेहरान के मशहूर Golestan Palace को 2 मार्च 2026 को नुकसान पहुँचा था।
  • इस्फहान के Chehel Sotoun Palace पर भी हमले की खबरें सामने आई हैं।
  • ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने ऐतिहासिक स्मारकों पर बमबारी के लिए इज़राइल को जिम्मेदार ठहराया है।
  • ह्यूमन राइट्स वॉच के शोधकर्ताओं के अनुसार ऐतिहासिक स्थलों को नुकसान पहुँचाना लोगों की पहचान को खत्म करने जैसा है।

धरोहरों की सुरक्षा से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नियम क्या हैं?

अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध के दौरान भी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम मौजूद हैं। 1954 के हेग कन्वेंशन (Hague Convention) के तहत सांस्कृतिक संपत्ति को तब तक निशाना नहीं बनाया जा सकता जब तक कि उसका सैन्य उपयोग न हो रहा हो। इसके अलावा जेनेवा कन्वेंशन का आर्टिकल 53 भी ऐतिहासिक स्मारकों और पूजा स्थलों पर किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई को प्रतिबंधित करता है।

नियम और संस्था मुख्य प्रावधान
1954 Hague Convention युद्ध के समय सांस्कृतिक संपत्ति की सुरक्षा करना
1972 UNESCO Convention विश्व विरासत स्थलों को साझा मानवता की धरोहर मानना
Geneva Convention Article 53 ऐतिहासिक स्मारकों पर हमले का विरोध करना

US Committee of the Blue Shield ने स्पष्ट किया है कि ये स्थल केवल ईरान के नहीं बल्कि पूरी दुनिया के हैं और इन्हें नुकसान पहुँचाना युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है। ईरान के सैन्य प्रवक्ता जनरल अबुलफज़ल शेकरची ने भी जवाबी चेतावनी जारी की है जिससे आने वाले समय में संघर्ष बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.