ईरान के ज़ंजन प्रांत में एक बड़ा हादसा हुआ है। यहाँ पुराने बमों के फटने से ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के 14 जवान मारे गए और दो अन्य घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब ये जवान ज़मीन में दबे खतरनाक बमों को हटाने का काम कर रहे थे।

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ज़ंजन में क्या हुआ और कितने लोग मारे गए?

यह घटना शुक्रवार, 1 मई 2026 को हुई। ज़ंजन के अंसारी अल-महदी कोर ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि इस धमाके में 14 जवान जान गंवा बैठे। मारे गए जवान IRGC के सबसे अनुभवी और खास ट्रेनिंग वाले सदस्य थे। 8 अप्रैल को युद्धविराम होने के बाद से IRGC के जवानों का यह सबसे बड़ा नुकसान बताया जा रहा है।

धमाका क्यों हुआ और कौन से हथियार थे?

यह हादसा उन बमों के कारण हुआ जो अमेरिका और इसराइल द्वारा किए गए हवाई हमलों के दौरान वहां रह गए थे। 28 फरवरी से शुरू हुए 40 दिनों के संघर्ष में ईरान के कई शहरों और इलाकों पर हमले हुए थे। ईरान ने पहले ही आरोप लगाया था कि इन हमलों में क्लस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया था। यही बिना फटे बम अब जवानों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं।

खतरे में कितनी जमीन और अब तक क्या काम हुआ?

फार्स न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ज़ंजन इलाके में करीब 1,200 हेक्टेयर खेती की जमीन अभी भी इन बिना फटे बमों के खतरे की चपेट में है। अंसारी अल-महदी कोर के अनुसार, IRGC की टीमों ने अब तक प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान चलाकर 15,000 से ज्यादा खतरनाक बमों को खोजकर उन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट किया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ज़ंजन धमाके में कितने IRGC जवान मारे गए?

इस हादसे में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के 14 अनुभवी जवान मारे गए और 2 अन्य घायल हुए।

धमाके का मुख्य कारण क्या था?

धमाका उन बमों के कारण हुआ जो अमेरिका और इसराइल के हवाई हमलों के दौरान ज़मीन में रह गए थे और जिन्हें हटाने की कोशिश की जा रही थी।