वाशिंगटन में आयोजित POLITICO Security Summit के दौरान उस समय हंगामा मच गया जब एक ईरानी-अमेरिकी एक्टिविस्ट ने पूर्व क्राउन प्रिंस Reza Pahlavi को बीच कार्यक्रम में ही रोक लिया। एक्टिविस्ट ने प्रिंस के उस स्टैंड का कड़ा विरोध किया जिसमें उन्होंने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों का समर्थन किया था। यह पूरी घटना अब सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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समिट में क्या हुआ और विवाद की मुख्य वजह क्या थी?

यह घटना 13 मई 2026 को वाशिंगटन डी.सी. में हुई। इस सुरक्षा समिट में दुनिया भर के अधिकारी और नीति निर्माता हिस्सा ले रहे थे। कार्यक्रम के दौरान एक ईरानी-अमेरिकी एक्टिविस्ट ने Reza Pahlavi के सामने आकर उन्हें चुनौती दी और ईरान पर हो रहे अमेरिकी-इजराइली हमलों का समर्थन करने के लिए उनकी आलोचना की। रिपोर्ट के अनुसार, एंटी-वॉर संगठन CODEPINK ने इस हंगामे की जिम्मेदारी ली। इसी संगठन के एक अन्य कार्यकर्ता ने समिट के एक पैनल में वक्ताओं को युद्ध अपराधी तक कह दिया था।

Reza Pahlavi का ईरान और अमेरिकी हमलों पर क्या रुख था?

समिट में बतौर अतिथि पहुंचे Reza Pahlavi ने अमेरिका से ईरान में शासन परिवर्तन का समर्थन करने की मांग की। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कुछ मुख्य बिंदु रखे:

  • उन्होंने कहा कि ईरान की वर्तमान सरकार लोकतांत्रिक दुनिया के साथ रहने में पूरी तरह असमर्थ है।
  • उनका मानना था कि बातचीत और समझौते का रास्ता अब नाकाम हो चुका है।
  • Pahlavi ने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के ठिकानों पर किए गए हमलों को ईरान देश पर हमला नहीं, बल्कि एक मुक्ति अभियान बताया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यह घटना कब और कहां हुई?

यह घटना 13 मई 2026 को वाशिंगटन डी.सी. में आयोजित POLITICO Security Summit के दौरान हुई।

CODEPINK संगठन का इस घटना में क्या रोल था?

CODEPINK एक एंटी-वॉर संगठन है जिसने इस व्यवधान की जिम्मेदारी ली। इस संगठन के कार्यकर्ताओं ने समिट में प्रिंस Pahlavi और अन्य वक्ताओं का विरोध किया।