मदीना के Prince Mohammad bin Abdulaziz International Airport पर ईरान के पहले हज यात्रियों का जत्था पहुंच गया है। यह यात्रा 27 अप्रैल 2026 को शुरू हुई और इसे सऊदी अरब और ईरान के बीच बढ़ते रिश्तों के तौर पर देखा जा रहा है। Saudi Ministry of Hajj and Umrah ने इन यात्रियों के स्वागत और उनके ठहरने की पूरी तैयारी कर ली है।

ईरानी हज यात्रियों की संख्या और तैयारी क्या है?

  • कुल 29,000 से ज्यादा ईरानी हाजियों के सऊदी अरब आने की उम्मीद है।
  • ये यात्री कुल 236 अलग-अलग कारवां के जरिए सफर करेंगे।
  • हाजियों के आने से पहले 25 अप्रैल को 120 सर्विस प्रोवाइडर मदीना पहुंच चुके थे, ताकि रहने, खाने, ट्रांसपोर्ट और मेडिकल सुविधाओं का इंतजाम हो सके।
  • सऊदी हज मंत्रालय ने बताया कि यात्रियों की एंट्री और उन्हें उनके ठिकानों तक पहुंचाने के लिए व्यापक सेवाएं शुरू कर दी गई हैं।

ईरानी अधिकारियों का क्या कहना है और नियम क्या हैं?

ईरानी हज संगठन के प्रमुख Alireza Rashidian ने कहा कि उनके यात्री एकता, दोस्ती और शांति का संदेश लेकर आए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी हाजी मेजबान देश सऊदी अरब के कानूनों और नियमों का पूरी तरह पालन करेंगे। वहीं, ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल और नेता Mojtaba Khamenei ने इस साल हज यात्रा भेजने के फैसले को मंजूरी दी थी।

सऊदी और ईरान के बीच इस यात्रा का क्या महत्व है?

सऊदी अरब और ईरान के बीच लंबे समय तक चले तनाव के बाद यह एक बड़ा बदलाव है। मार्च 2023 में चीन की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध फिर से शुरू हुए थे। इसी सुलह के बाद अब ईरानी नागरिकों की हज यात्रा दोबारा संभव हो पाई है। जानकारों के मुताबिक, हज टीमों को भेजना क्षेत्रीय तनाव को कम करने की दिशा में एक सोचा-समझा कदम है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.