Iran News: ईरान के सैन्य अधिकारियों ने डिफेंस इंडस्ट्री की मजबूती पर की बात, राष्ट्र की आत्मनिर्भरता को बताया बड़ा स्तंभ.

जुलाई 2025 से जुलाई 2026 के बीच ईरान के रक्षा हथियारों का उत्पादन दोगुना हो गया है। हाल ही में ईरानी अधिकारियों और सैन्य कमांडरों ने देश की रक्षा इंडस्ट्री के विकास को लेकर बड़ी बातें कहीं। उनका कहना है कि यह देश की आत्मनिर्भरता और ताकत को बनाए रखने में बहुत बड़ा योगदान दे रहा है। आईआरएनए न्यूज एजेंसी के मुताबिक, देश के शीर्ष नेतृत्व ने इस बात पर जोर दिया कि सैन्य ताकत में रणनीतिक बदलाव आया है जिससे देश मजबूत हुआ है।
रक्षा उत्पादन में भारी बढ़ोतरी
रक्षा और सशस्त्र बल रसद मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल रज़ा तलाई-निक ने मीडिया को जानकारी दी कि पिछले एक साल में देश के भीतर हथियारों के उत्पादन में काफी तेजी आई है। हालिया संघर्षों के दौरान कुछ खास और जरूरी रणनीतिक सामानों का उत्पादन तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ गया है। सरकार की योजना आने वाले समय में कुल रक्षा उपकरणों के उत्पादन को तीन गुना करने की है, जबकि चुनिंदा सेक्टरों में इसे चार से पांच गुना तक बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा, रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में काम करने वाली निजी और ज्ञान-आधारित कंपनियों की संख्या 8,000 से बढ़कर लगभग 9,300 से 9,400 के बीच पहुंच गई है। ये सभी कंपनियां मिलकर आज 1,000 से ज्यादा तरह के हथियार और सिस्टम बना रही हैं। इस साल जितने भी रिसर्च प्रोजेक्ट पूरे हुए उनमें से 76% प्रोजेक्ट्स सफलतापूर्वक प्रोडक्ट के रूप में तैयार हो चुके हैं।
दुश्मनों को चेतावनी
ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल माजिद इब्न अल-रेज़ा ने स्पष्ट किया कि इन सभी क्षमताओं का मकसद केवल हमलों को रोकना है न कि किसी देश पर पहले हमला करना। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने कभी भी किसी संघर्ष की शुरुआत नहीं की है। वहीं दूसरी ओर, ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने इस विकास को एक रक्षा औद्योगिक क्रांति बताया है। उन्होंने विरोधी देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी ने भी गलत कदम उठाया तो उसका बहुत ही खतरनाक और तबाह करने वाला जवाब दिया जाएगा।
आईआरजीसी के प्रमुख अहमद वाहिदी ने ईरान के रक्षा प्रयासों को एक मजबूत ढाल बताया। इसके अलावा, ईरानी सेना के कमांडर मेजर जनरल अमीर हाथमी ने कहा कि देश की इन ताकतों ने दुश्मनों को युद्धविराम और राजनीतिक समझौतों को मानने के लिए मजबूर कर दिया है। पिछले कुछ समय में कई तरह की लड़ाइयां देखने को मिली हैं जैसे कि 12-दिन का युद्ध और 40-दिन का युद्ध। इन मुश्किल वक्त में भी अधिकारियों का कहना था कि नुकसान के बावजूद जरूरी सामानों का उत्पादन रुकने नहीं दिया गया और वह लगातार जारी रहा। दूसरी तरफ, ईरानी विदेश मंत्रालय ने हाल ही में अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को सभी राष्ट्रों के खिलाफ युद्ध की घोषणा बताया है। इस पूरी स्थिति के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप IRNA News Agency पर जा सकते हैं।