सऊदी न्यूज़ और अमेरिकी सेना की रिपोर्ट के मुताबिक, 2 जून 2026 को ईरान की तरफ से कुवैत को निशाना बनाकर दो मिसाइलें दागी गईं। हालांकि, ये मिसाइलें अपने निशाने तक पहुंचने से पहले ही रास्ते में गिर गईं या टूट गईं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस हमले की पुष्टि की है और बताया है कि इस दौरान खाड़ी देशों को निशाना बनाकर कई मिसाइलें छोड़ी गईं, लेकिन वे अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सकीं। इस घटना के बाद कुवैत और अन्य खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है।

अमेरिकी सेना और CENTCOM ने क्या कहा?

अमेरिकी सेना के अधिकारियों ने साफ किया है कि ईरान द्वारा कुवैत पर दागी गई दोनों मिसाइलें अपने निशाने तक नहीं पहुंच पाईं और पहले ही गिर गईं। इसके अलावा, बहरीन पर दागी गई तीन अन्य मिसाइलों को अमेरिकी और बहरीनी सेना ने हवा में ही मार गिराया। ईरान की इस हरकत के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के केश्म द्वीप (Qeshm Island) पर जवाबी कार्रवाई की है। अमेरिकी सेना ने साफ किया कि इस हमले में उनके किसी भी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा है और वे युद्धविराम के नियमों का पालन करते हुए किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

कुवैत सरकार का कड़ा रुख और एयरपोर्ट पर हमला

कुवैत कैबिनेट ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बताया है। कुवैत के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने बताया कि 2 जून को ही कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया गया था। इस हमले में एयरपोर्ट की बिल्डिंग को काफी नुकसान पहुंचा है और कुछ लोग घायल भी हुए हैं, जिसके कारण कमर्शियल उड़ानों को रोकना पड़ा। कुवैत की सेना ने जनता को भरोसा दिलाया है कि देश की वायु सेना हर खतरे से निपटने के लिए तैयार है।

सऊदी अरब का समर्थन और तनाव की वजह

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने भी कुवैत पर हुए इस मिसाइल हमले की निंदा की है। सऊदी अरब ने बयान जारी कर कुवैत की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए उठाए जाने वाले सभी कदमों का पूरा समर्थन किया है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच अप्रैल 2026 से लागू युद्धविराम समझौते को लेकर बातचीत रुकी हुई है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) का दावा है कि उन्होंने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है, क्योंकि अमेरिका ने उनके एक तेल टैंकर पर हमला किया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या कुवैत पर हुए मिसाइल हमले में कोई नुकसान हुआ?

अमेरिकी सेना के अनुसार कुवैत पर दागी गई दो मिसाइलें निशाने पर पहुंचने से पहले ही गिर गईं, जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, उसी दिन कुवैत एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन हमले से पैसेंजर टर्मिनल को नुकसान पहुंचा और उड़ानें रोकनी पड़ीं।

ईरान ने कुवैत और बहरीन पर मिसाइलें क्यों दागीं?

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) का दावा है कि अमेरिकी सेना द्वारा उनके तेल टैंकर और केश्म द्वीप पर बने कम्यूनिकेशन टॉवर पर हमला करने के जवाब में उन्होंने यह कार्रवाई की है।