फ्रांस में एक साल से ज़्यादा समय तक कैद रहने के बाद ईरानी नागरिक Mahdieh Esfandiari वापस अपने देश लौट आई हैं। उनका यह सफर एक बड़े समझौते का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें ईरान और फ्रांस के बीच कैदियों की अदला-बदली हुई है। 15 अप्रैल 2026 को उनके घर पहुँचने की खबर सामने आई है।

Mahdieh Esfandiari को फ्रांस में क्यों पकड़ा गया था?

Mahdieh Esfandiari को फरवरी 2025 में फ्रांस में गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फिलिस्तीन का समर्थन किया और 2023 के हमास हमले का बचाव किया। इसी वजह से पेरिस की अदालत ने उन्हें एक साल की जेल और फ्रांस की ज़मीन पर आने पर हमेशा के लिए रोक लगा दी थी।

इस अदला-बदली में कौन-कौन शामिल था?

ईरान और फ्रांस के बीच हुई इस डील में कुछ अहम नाम शामिल हैं, जिनकी जानकारी नीचे दी गई है:

  • Mahdieh Esfandiari: ईरानी नागरिक जिन्हें फ्रांस ने रिहा किया।
  • Cécile Kohler और Jacques Paris: फ्रांसीसी नागरिक जिन्हें ईरान ने 7 अप्रैल 2026 के आसपास रिहा किया।
  • ये दोनों फ्रांसीसी नागरिक मई 2022 से ईरान की जेल में थे और उन पर जासूसी के आरोप थे।

रिहाई के बाद Mahdieh Esfandiari ने क्या कहा?

अपने देश वापस पहुँचने पर Mahdieh Esfandiari ने फ्रांस की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि फ्रांस में अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं है। उन्होंने यह दावा भी किया कि उन्हें एक राजनीतिक मोहरे की तरह इस्तेमाल किया गया ताकि फ्रांस के दो जासूसों को वापस ले जाया जा सके। हालांकि, फ्रांसीसी राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने आधिकारिक तौर पर किसी औपचारिक अदला-बदली के समझौते से इनकार किया है।