ईरान के बड़े नेताओं का एक उच्च स्तरीय दल मस्कट पहुंचा है। संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf और विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi सोमवार, 22 जून 2026 को ओमान पहुंचे। यहाँ वे ओमान के अधिकारियों के साथ अहम मुद्दों पर बातचीत करेंगे ताकि दोनों देशों के आपसी रिश्ते और सहयोग को और मजबूत किया जा सके।

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Strait of Hormuz पर रहेगा मुख्य फोकस

संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ओमान के सुल्तान Haitham bin Tariq से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में मुख्य रूप से Strait of Hormuz के मैनेजमेंट और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा होने की उम्मीद है। Ghalibaf ने एक पोस्ट के जरिए बताया कि ईरान कूटनीति का रास्ता अपना रहा है और साथ ही अपनी सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत कर रहा है।

वहीं विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने कहा कि ईरान के लिए अपने पड़ोसी देश प्राथमिकता पर हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान और ओमान दोनों ही Strait of Hormuz के किनारे बसे देश हैं, इसलिए वे मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इस समुद्री रास्ते से जहाजों का आना-जाना सुरक्षित रहे, जिससे पूरी दुनिया को फायदा मिले।

अमेरिका के साथ बातचीत और तेल का लाइसेंस

यह दौरा स्विट्जरलैंड में ईरान और अमेरिका के बीच हुई हालिया बातचीत के बाद हुआ है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने बताया कि ईरान ने Strait of Hormuz में खुले रास्ते सुनिश्चित करने और IAEA निरीक्षकों को देश में आने देने की सहमति दी है। इस फ्रेमवर्क के तहत अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 60 दिनों का एक अस्थायी जनरल लाइसेंस जारी किया है, जिससे ईरानी तेल का उत्पादन, डिलीवरी और बिक्री की जा सकेगी।

दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने इस बात से इनकार किया कि स्विट्जरलैंड की बातचीत में परमाणु मुद्दे पर कोई नया समझौता हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान पहले से तय प्रक्रियाओं के तहत ही IAEA के साथ सहयोग कर रहा है।

ओमान की भूमिका और नया समझौता

ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr Albusaidi ने कहा कि उनका देश बातचीत के जरिए राजनीतिक समाधान निकालने में पूरी मदद करेगा। उन्होंने ईरान और अमेरिका के बीच बनी आपसी समझ को कूटनीति की एक बड़ी जीत बताया।

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 21 जून 2026 को घोषणा की थी कि Strait of Hormuz की नाकेबंदी को तुरंत हटाया जाएगा। इस समझौते को “Islamabad Memorandum of Understanding” कहा जा रहा है। हालांकि, अमेरिका ने 15 जून को ओमान की आधिकारिक मध्यस्थता की भूमिका को हटाकर यह जिम्मेदारी पाकिस्तान और कतर को दे दी थी, लेकिन ओमान अब भी इस क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए बड़े स्तर पर कूटनीतिक प्रयास कर रहा है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com