ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी अब समुद्र तक पहुँच गई है। ताजा खबर के मुताबिक, पाकिस्तान के समुद्री इलाके में ईरान के 4 खाली तेल टैंकर देखे गए हैं। ये जहाज़ अमेरिकी नौसेना की कड़ी नाकाबंदी को चकमा देकर ईरान पहुँचने की कोशिश कर रहे थे।
पाकिस्तान के पानी में ईरान के टैंकर क्यों मिले?
Tanker Trackers की रिपोर्ट के अनुसार, 25 अप्रैल 2026 को 4 खाली ईरानी तेल टैंकर पाकिस्तानी समुद्री सीमा में नज़र आए। ये टैंकर वापस ईरान जाने की कोशिश कर रहे थे। असल में, अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों की घेराबंदी कर रखी है। अमेरिका का मकसद ईरान के तेल से होने वाली कमाई को रोकना है। अमेरिकी नौसेना ने पहले भी कई ईरानी जहाज़ों को ओमान की खाड़ी और पाकिस्तान की सीमा के पास रोका है।
अमेरिका की नाकाबंदी पर ईरान और पाकिस्तान का क्या कहना है?
- ईरान का आरोप: ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिकी नाकाबंदी को “समुद्री डकैती” और “युद्ध की कार्रवाई” बताया है। ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि अमेरिका इस तरह की हरकतें बंद करे।
- पाकिस्तान की भूमिका: पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है। इसी सिलसिले में विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 25 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद का दौरा किया ताकि अपनी शर्तें और आपत्तियां पाकिस्तानी अधिकारियों को बता सकें।
- विशेष समझौता: ईरान ने पाकिस्तान के 20 जहाज़ों, जिनमें तेल टैंकर भी शामिल हैं, को रोज़ाना हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुज़रने की अनुमति दी है।
समुद्र में जहाजों की आवाजाही की क्या स्थिति है?
Bloomberg के आंकड़ों के मुताबिक, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की संख्या बहुत कम हो गई है। 25 अप्रैल की सुबह केवल दो छोटे ईंधन टैंकर और एक मालवाहक जहाज़ ईरान की तरफ जाते दिखे। कई ईरानी जहाज़ पकड़े जाने के डर से अपने ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर देते हैं ताकि अमेरिकी नौसेना उन्हें ढूंढ न सके। अमेरिका ने उन चीनी कंपनियों पर भी दबाव बनाया है जो ईरान से तेल खरीद रही हैं। 23 अप्रैल 2026 को अमेरिकी नौसेना ने हिंद महासागर में एक टैंकर को भी ज़ब्त किया था।