सऊदी अरब में हज 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं और ईरानी जायरिन वहां पहुंच रहे हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक अब तक करीब 30,000 लोग वहां पहुंच चुके हैं। लेकिन इस बार ईरान के हजारों लोग अपनी मर्जी के बिना ही इस पाक सफर से वंचित रह गए, जिसकी वजह अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध बताए जा रहे हैं।

ईरान से कितने जायरिन पहुंचे और क्यों कम हुई संख्या?

IRNA न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, 17 मई 2026 तक करीब 30,000 ईरानी जायरिन सऊदी अरब पहुंच चुके हैं। इस साल ईरान ने 86,000 से ज़्यादा लोगों को भेजने की योजना बनाई थी, लेकिन असल में केवल 30,672 जायरिन ही जा सके। ईरानी अधिकारी Seyyed Abdolfattah Navvab ने बताया कि अमेरिका के प्रतिबंधों और करेंसी ट्रांसफर में आ रही दिक्कतों की वजह से करीब 55,000 लोग इस बार हज नहीं कर पाए।

बिना परमिट हज करने वालों के लिए क्या है सऊदी का नियम?

सऊदी सरकार ने इस साल नियमों को बहुत सख्त रखा है। केवल वही लोग मक्का और पवित्र स्थलों में प्रवेश कर सकते हैं जिनके पास कानूनी हज परमिट है। अगर कोई बिना परमिट के हज करने की कोशिश करता है, तो उस पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। साथ ही, ऐसे लोगों को देश से बाहर निकाला जाएगा और 10 साल तक सऊदी अरब में दोबारा आने पर पाबंदी लगा दी जाएगी। सभी जायरिन के लिए पहचान के तौर पर Nusuk Card रखना अनिवार्य है।

स्वास्थ्य नियम और ज़रूरी दस्तावेज़ क्या हैं?

हज 2026 के लिए सऊदी अरब ने कुछ नए स्वास्थ्य नियम लागू किए हैं। जिन जायरिन को किडनी फेल्योर, दिल या फेफड़ों की गंभीर बीमारी, कैंसर या गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या है, उन्हें हज की अनुमति नहीं दी गई है। दस्तावेज़ों की बात करें तो जायरिन के पास कम से कम 6 महीने की वैलिडिटी वाला पासपोर्ट और ज़रूरी वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट होना चाहिए। हज की मुख्य रस्में 25 मई से 30 मई के बीच होने की संभावना है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बिना परमिट के हज करने पर क्या सज़ा मिलेगी?

बिना परमिट के हज करने वालों पर 20,000 सऊदी रियाल का जुर्माना लगाया जाएगा और उन्हें डिपोर्ट करके 10 साल तक सऊदी अरब आने से बैन किया जाएगा।

ईरानी जायरिन की संख्या इस बार क्यों कम हुई?

अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों और करेंसी ट्रांसफर में आने वाली समस्याओं की वजह से करीब 55,000 ईरानी जायरिन इस बार हज पर नहीं जा सके।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.