ईरान ने मक्का और मदीना में मौजूद अपने करीब 9,000 यात्रियों को वापस बुलाना शुरू कर दिया है। क्षेत्र में चल रहे तनाव और कई देशों के एयरस्पेस बंद होने के कारण इन यात्रियों को हवाई जहाज के बजाय अब सड़क के रास्ते वापस भेजा जा रहा है। 3 मार्च 2026 को अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसके लिए सऊदी अरब और इराक के साथ मिलकर खास इंतजाम किए गए हैं।

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यात्रियों की वापसी का रूट क्या है?

हवाई रास्ते बंद होने की वजह से अब जमीनी रास्ते का एकमात्र विकल्प बचा है। ये यात्री मक्का और मदीना से बसों के जरिए सऊदी अरब के उत्तरी हिस्से में स्थित Arar Border तक पहुंच रहे हैं। यहां से ये इराक में दाखिल होते हैं और फिर इराक के रास्ते सफर करते हुए ईरान के बॉर्डर तक जाते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को 10 अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया है ताकि बॉर्डर पर ज्यादा भीड़ न हो और सभी आसानी से निकल सकें। इराक में घुसने के बाद ये यात्री Mehran crossing जैसे रास्तों का इस्तेमाल करके अपने देश वापस लौट रहे हैं। पहले भी जब हालात खराब हुए थे तो इसी रास्ते का इस्तेमाल किया गया था।

सऊदी और इराक सरकार की तैयारी

इस पूरे ऑपरेशन के लिए सऊदी अरब, इराक और ईरान के बीच आपसी सहमति बनी है। इराक के प्रधानमंत्री ने एक खास टीम बनाई है जो इन यात्रियों की सुरक्षा और बॉर्डर पार करने में मदद कर रही है। इराक का कहना है कि वे रोजाना करीब 2,500 यात्रियों को संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

  • सऊदी अरब: हज और उमराह मंत्रालय ने यात्रियों को बस और बॉर्डर तक पहुंचाने में सहयोग दिया है।
  • इराक: बॉर्डर क्रॉसिंग अथॉरिटी को अलर्ट पर रखा गया है ताकि ट्रांजिट में किसी को दिक्कत न आए।
  • ईरान: राजदूत Ali Reza Enayati ने बताया कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए यह फैसला तुरंत लिया गया और प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.