अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने की उठी मांग, ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन बोले- ताकत और सम्मान से हो रही है बात

Aanya22 August 20262 min read57 viewsWorld
अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने की उठी मांग, ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन बोले- ताकत और सम्मान से हो रही है बात

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिका के साथ चल रहे लंबे संघर्ष को अब समाप्त करने की खुलकर बात कही है। उनका कहना है कि इस समय तेहरान पूरी ताकत और अपनी गरिमा के साथ बातचीत कर रहा है। शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को तेहरान में इस्लामिक एसोसिएशन ऑफ द ईरानी मेडिकल सोसाइटी की 31वीं आम सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात देश के सामने रखी। राष्ट्रपति ने साफ शब्दों में कहा कि जब देश इस तरह की मजबूत और रणनीतिक स्थिति में है, तब दुश्मनी और तनाव को खत्म करना फायदेमंद साबित होगा। अपने इस भाषण के दौरान उन्होंने जून के महीने में हुए उस समझौते का भी समर्थन किया जो पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता से अमेरिका के साथ तैयार किया गया था। हालांकि ईरान की संसद में बैठे कट्टरपंथी नेता इस समझौते का काफी विरोध कर रहे हैं, लेकिन राष्ट्रपति ने इसे एक बेहद सम्मानजनक और मूल्यवान उपलब्धि करार दिया है।

समझौते को लेकर घरेलू स्तर पर जारी है विरोध और तनाव

ईरान के राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि इस समझौता ज्ञापन यानी एमओयू को देश की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद से मंजूरी मिल चुकी है और इसे देश के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei का पूरा समर्थन प्राप्त है। उन्होंने यह भी बताया कि इस कागजात में आत्मसमर्पण जैसी कोई भी बात नहीं लिखी गई है, बल्कि सारी जिम्मेदारियां और शर्तें दूसरे पक्ष यानी अमेरिका पर डाली गई हैं। आपको बता दें कि इस समझौते के बाद अंतिम सहमति तक पहुंचने के लिए जो 60 दिन का समय तय किया गया था, वह सोमवार, 17 अगस्त 2026 को ही खत्म हो चुका है। इस वजह से फिलहाल दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत पूरी तरह से रुकी हुई है। इसराइल के साथ फरवरी 2026 में शुरू हुआ यह विवाद लगातार बढ़ता ही जा रहा है और अब अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव बढ़ाने की नई तैयारी कर रहे हैं, जिसे आर्थिक डी-डे का नाम दिया गया है।

सैन्य अधिकारियों की तैयारी और चीन का कड़ा रुख

देश के भीतर हालात अभी भी काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान के सैन्य अधिकारी और सेना के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल Ali Abdollahi के साथ-साथ IRGC प्रमुख Ahmad Vahidi ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अपनी पूरी तैयारी दिखाई है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि आगे किसी भी तरह का खतरा पैदा हुआ, तो उसका बेहद कड़ा और भयानक जवाब दिया जाएगा। दूसरी तरफ, ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका की तरफ से आने वाले नए प्रतिबंधों की कड़ी निंदा की है और उन्हें आर्थिक आतंकवाद तथा मानवता के खिलाफ अपराध बताया है। होर्मुज जलडमरूमध्य का इलाका अभी भी ईरान की तरफ से आंशिक रूप से बंद है और इसके जवाब में अमेरिकी नौसेना ने वहां घेराबंदी कर रखी है। इन सबके बीच चीन ने अमेरिका की इस आर्थिक दबाव वाली नीति का खुलकर विरोध किया है और कहा है कि इस समस्या का समाधान सिर्फ राजनीतिक और कूटनीतिक रास्तों से ही निकाला जाना चाहिए।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment