अमेरिका द्वारा जहाज़ जब्त किए जाने के बाद फंसे 20 ईरानी नाविक आखिरकार अपने घर लौट आए हैं। यह सब पाकिस्तान और सिंगापुर के साथ हुई लंबी बातचीत और राजनयिक प्रयासों के बाद मुमकिन हो पाया। गुरुवार, 21 मई 2026 को ये सभी नाविक इस्लामाबाद से तेहरान पहुँच गए हैं।

इन नाविकों के घर लौटने की पूरी कहानी क्या है?

अमेरिका ने 23 अप्रैल को Majestic X नाम के एक तेल टैंकर को जब्त कर लिया था। अमेरिका का दावा था कि इस जहाज़ ने प्रतिबंधों का उल्लंघन किया है। इस कार्रवाई के कारण जहाज़ पर सवार चालक दल के सदस्यों को हिरासत में ले लिया गया था। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चली बातचीत के बाद 20 ईरानी नाविकों की रिहाई हुई है।

नाविकों की रिहाई में पाकिस्तान ने क्या भूमिका निभाई?

इस पूरे मामले में पाकिस्तान ने एक बड़ा मानवीय और मध्यस्थ का रोल निभाया। ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi ने पाकिस्तान और सिंगापुर के समकक्षों के साथ गहन चर्चा की। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और विदेश मंत्री Ishaq Dar के प्रयासों को इस रिहाई में बहुत अहम माना गया है। इस राजनयिक कोशिश से न केवल ईरानी बल्कि 11 पाकिस्तानी नाविकों को भी रिहा किया गया। ईरान के राजदूत Reza Amiri Moghadam ने पाकिस्तान की इस मदद के लिए उनका आभार जताया है।

नाविक वापस कैसे पहुँचे और यह कितनी बार हुआ?

डिप्लोमैटिक बातचीत के बाद नाविकों को पहले सिंगापुर से इस्लामाबाद लाया गया। इसके बाद गुरुवार सुबह Mahan Air की फ्लाइट के जरिए उन्हें तेहरान भेजा गया। पिछले कुछ हफ्तों में यह दूसरा मौका है जब पाकिस्तान ने ईरानी नागरिकों की मदद की है। इससे पहले 4 मई 2026 को भी MV Touska नाम के जहाज़ से 22 ईरानी नाविकों को इसी तरह वापस भेजा गया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिकी सेना ने जहाज़ क्यों जब्त किया था?

अमेरिका ने 23 अप्रैल को ‘Majestic X’ तेल टैंकर को प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोप में जब्त किया था, जिससे चालक दल को हिरासत में लिया गया था।

नाविकों की रिहाई में किन देशों ने मदद की?

ईरान, पाकिस्तान और सिंगापुर के बीच राजनयिक बातचीत हुई, जिसमें पाकिस्तान ने मुख्य मध्यस्थ और मानवीय भूमिका निभाई।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.