ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Baqer Qalibaf ने अमेरिका की विदेश नीति पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी नेता अपने नागरिकों की जरूरतों के बजाय “Israel First” की नीति को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसकी वजह से वहां ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं और आम परिवारों को अपना खर्चा चलाने के लिए दिन का खाना तक छोड़ना पड़ रहा है। Qalibaf ने कहा कि वैश्विक तेल का 20 प्रतिशत हिस्सा Strait of Hormuz में ब्लॉक होने की वजह से अमेरिका में महंगाई और ऊर्जा संकट बढ़ गया है।

अमेरिकी परिवारों को क्यों छोड़ना पड़ रहा है खाना?

ईरान के स्पीकर ने एक अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि गैस की बढ़ती कीमतों के कारण कई अमेरिकी परिवार आर्थिक संकट में हैं। उन्होंने Sarah Lawhun नाम की एक महिला का उदाहरण दिया, जो अपने काम पर जाने के लिए पेट्रोल के पैसे बचाने की खातिर दोपहर का खाना नहीं खाती हैं। Qalibaf के अनुसार, अमेरिका में मार्च के महीने में ऊर्जा की कीमतों में भारी उछाल आया है जिससे वहां महंगाई की दर बढ़ गई है। उन्होंने इस आर्थिक तनाव को अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर थोपे गए युद्ध जैसे हालात से जोड़ा है।

क्षेत्र में बढ़ता तनाव और सैन्य गतिविधियों पर ईरान का रुख

Mohammad Baqer Qalibaf ने हाल के दिनों में खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी अमेरिकी सैन्य हलचल पर भी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका West Asia में अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है, जिसमें USS Tripoli युद्धपोत का पहुंचना शामिल है। उन्होंने इसे ईरान को अस्थिर करने के लिए एक “मनोवैज्ञानिक युद्ध” करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की गुप्त बातचीत की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है।

  • तारीख: 31 मार्च, 2026 को ईरानी स्पीकर ने यह बयान जारी किया।
  • महंगाई: ईंधन की बढ़ती कीमतों ने अमेरिकी परिवारों के बजट पर असर डाला है।
  • सुरक्षा: Strait of Hormuz में तनाव से वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो रही है।
  • ईरान का रुख: Qalibaf ने इजराइल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी साफ किया है कि दूसरे देशों के जरिए मिल रहे संदेशों को बातचीत नहीं माना जाना चाहिए। ईरान की नीति वर्तमान में प्रतिरोध जारी रखने की है। दूसरी ओर, इजराइली मीडिया में आई उन खबरों को भी ईरान ने गलत बताया है जिनमें अधिकारियों को बातचीत के लिए छूट देने का दावा किया गया था।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.