अमेरिका की घेराबंदी तोड़ ईरान का सुपरटैंकर सफल, 20 लाख बैरल तेल पहुँचाया, 22 अप्रैल की डेडलाइन से पहले बढ़ा तनाव
ईरान के एक सुपरटैंकर ने अमेरिका द्वारा लगाई गई समुद्री नाकाबंदी को पार कर लिया है। इस जहाज ने इंडोनेशिया के रियाउ द्वीप समूह (Riau Archipelago) के ज़रिए 20 लाख बैरल कच्चा तेल पहुँचाया। तेहरान ने इसे अमेरिका की घेराबंदी के खिलाफ एक बड़ी जीत बताया है, लेकिन इलाके में तनाव अभी भी बहुत ज़्यादा है क्योंकि 22 अप्रैल की अहम समय सीमा करीब आ रही है।
इस पूरे मामले में क्या हुआ
ईरानी सुपरटैंकर मार्च के आखिर में ईरान से निकला था। इसने अमेरिका की नेवल ब्लॉकेड को चकमा दिया और अपना मिशन पूरा किया। अब यह जहाज वापस ईरानी पानी की तरफ लौट रहा है और 22 अप्रैल तक खार्ग आइलैंड पहुँचने की उम्मीद है। वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 15 अप्रैल को दावा किया था कि उन्होंने ईरान के बंदरगाहों की पूरी नाकाबंदी कर दी है और सभी व्यापार रोक दिया है।
क्षेत्र में तनाव बढ़ने की मुख्य वजह
इलाके में तनाव इसलिए है क्योंकि 22 अप्रैल को युद्धविराम (ceasefire) की एक अहम डेडलाइन खत्म हो रही है। इसी बीच ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में एक ईरानी कमर्शियल जहाज पर हमला किया। अमेरिका ने रविवार 19 अप्रैल को ‘तौस्का’ (Touska) नाम के एक ईरानी जहाज और उसके चालक दल को जब्त कर लिया है। ईरान ने इसे समुद्री डकैती बताया है और अमेरिका से जहाज को तुरंत छोड़ने की मांग की है।
| मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| तेल की मात्रा | 20 लाख बैरल |
| डिलीवरी की जगह | रियाउ द्वीप समूह (इंडोनेशिया) |
| जहाज की वापसी | 22 अप्रैल 2026 (संभावित) |
| जब्त जहाज का नाम | तौस्का (Touska) |
| जब्ती की तारीख | 19 अप्रैल 2026 |
| नाकाबंदी का दावा | 15 अप्रैल (CENTCOM द्वारा) |
| डेडलाइन तारीख | 22 अप्रैल 2026 |