उत्तरी इराक में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है क्योंकि वहां पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस (PMF) के मुख्यालय को हवाई हमले में निशाना बनाया गया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के भीतर यह दूसरा बड़ा हमला है जिसे अंजाम दिया गया है। पीएमएफ ने इन हमलों के पीछे अमेरिका और इजराइल का हाथ होने का आरोप लगाया है, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता काफी बढ़ गई है।

हमले में अब तक क्या-क्या नुकसान हुआ है?

1 अप्रैल को ताल अफ़ार में अल-हुसैन ब्रिगेड के मुख्यालय पर हुए हमले में कमांडर यासीन मोहम्मद सादिक की मौत हो गई है। उनके साथ तीन अन्य सदस्य भी मारे गए हैं और चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पीएमएफ ने पुष्टि की है कि यह हमला उनके महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किया गया था। इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल सुदानी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है और सुरक्षा बलों को जवाब देने के आदेश दिए हैं।

अमेरिकी दूतावास ने जारी की बड़ी सुरक्षा चेतावनी

इन हमलों के बाद बगदाद में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने एक हाई अलर्ट जारी किया है। दूतावास का मानना है कि अगले 24 से 48 घंटों में इराक के कुछ गुट बगदाद के मध्य इलाकों में जवाबी हमले कर सकते हैं। इस खतरे को देखते हुए वहां मौजूद अमेरिकी नागरिकों को तुरंत इराक छोड़ने की सलाह दी गई है। इराक सरकार ने साफ कहा है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएंगे और अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी पड़ोसी देश के खिलाफ नहीं होने देंगे।

तारीख स्थान मुख्य अपडेट
1 अप्रैल 2026 ताल अफ़ार, निनेवे पीएमएफ कमांडर समेत 4 की मौत
2 अप्रैल 2026 उत्तरी इराक मुख्यालय पर हवाई हमला
2 अप्रैल 2026 बगदाद अमेरिकी दूतावास का अलर्ट और निकासी की सलाह
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.