इराक के बसरा में तेल की सुविधाओं पर हुए हमलों ने पूरे क्षेत्र में खलबली मचा दी है। बसरा ऑयल कंपनी के प्रमुख बासिम अब्दुल करीम ने जानकारी दी है कि इन हमलों की वजह से तेल निकालने और भेजने के काम पर बहुत बुरा असर पड़ा है। वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से निर्यात पूरी तरह रुक गया है और अधिकांश विदेशी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को वहां से हटा लिया है।

इराक में तेल उत्पादन और निर्यात पर क्या असर हुआ?

इराक के तेल मंत्रालय और बसरा ऑयल कंपनी की रिपोर्ट के अनुसार, तेल के उत्पादन में बहुत बड़ी गिरावट देखी गई है। युद्ध और हमलों की स्थिति के कारण काम लगभग ठप होने की कगार पर है। इसकी मुख्य वजहें नीचे दी गई टेबल में समझी जा सकती हैं:

विवरण ताज़ा आंकड़े और स्थिति
तेल उत्पादन में गिरावट 31 लाख बैरल से घटकर 9 लाख बैरल रह गया
निर्यात की स्थिति दक्षिणी बंदरगाहों से निर्यात पूरी तरह बंद
विदेशी कंपनियों का रुख बीपी और बेकर ह्यूजेस जैसी कंपनियों ने स्टाफ हटाया
बड़ा संकट होर्मुज जलडमरूमध्य की बंदी से सप्लाई रुकी

बसरा प्रांत में उत्पादन कम होने के बाद अब जो थोड़ा-बहुत तेल निकल रहा है, उसे देश की घरेलू रिफाइनरियों में भेजा जा रहा है। तेल मंत्री हयान अब्देल-गनी ने पुष्टि की है कि स्थिति सामान्य होने तक उत्पादन बढ़ाना संभव नहीं है।

विदेशी तेल कंपनियों और फोर्स मेज्योर का क्या मतलब है?

इराक सरकार ने सभी विदेशी तेल कंपनियों के लिए ‘फोर्स मेज्योर’ (Force Majeure) लागू कर दिया है। यह एक ऐसी कानूनी स्थिति है जिसमें युद्ध या प्राकृतिक आपदा की वजह से कंपनियां अपना कॉन्ट्रैक्ट पूरा करने के लिए बाध्य नहीं होती हैं। सुरक्षा कारणों से ब्रिटिश और अन्य अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के ठिकानों पर ड्रोन हमले हुए हैं, जिससे वहां भारी नुकसान हुआ है।

  • मईसन प्रांत के अल-बज़राकान तेल क्षेत्र में ड्रोन हमलों से आग लगी है।
  • इराक के डिप्टी तेल मंत्री ने कहा कि युद्ध खत्म होने पर ही काम शुरू होगा।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से बसरा क्रूड की कीमतों में उछाल आया है।
  • सऊदी, यूएई और कुवैत जैसे अन्य खाड़ी देशों में भी ड्रोन हमलों की खबरें मिली हैं।

खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह खबर चिंताजनक हो सकती है क्योंकि तेल उत्पादन प्रभावित होने से वैश्विक बाजार में कीमतों पर असर पड़ता है। फिलहाल इराक की सरकार कोशिश कर रही है कि कम से कम घरेलू जरूरत के लिए तेल का उत्पादन जारी रखा जा सके।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com