बगदाद सरकार ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि इराक को अमेरिकी और सऊदी हवाई हमलों के बारे में पहले से जानकारी थी या उसने इसकी मंजूरी दी थी। 29 जुलाई 2026 को हुए इन हमलों में 20 लोग मारे गए थे, जो Popular Mobilization Forces (PMF) के सदस्य थे। इस घटना के बाद इराक के प्रधानमंत्री Mohammed Shia al-Sudani ने अपनी सऊदी अरब की यात्रा रद्द कर दी है और सऊदी सरकार से उन आरोपों के सबूत मांगे हैं जिनमें इराक से ड्रोन हमले करने की बात कही गई थी।
सरकार ने क्या कहा
इराकी सरकार के प्रवक्ता Haider Haider al-Aboudi ने स्पष्ट किया कि बगदाद ने अपने इलाके में किसी भी गुट पर हमले की अनुमति नहीं दी थी। इराकी अधिकारियों ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। वहीं, प्रधानमंत्री के प्रवक्ता Sabah al-Numan ने पुष्टि की कि सऊदी अरब अब तक अपने दावों का कोई भी पुख्ता सबूत पेश नहीं कर पाया है।
अमेरिका और सऊदी अरब का पक्ष
US Central Command (CENTCOM) का कहना है कि उन्होंने ईरान समर्थित गुटों के खिलाफ सटीक कार्रवाई की है, जो अमेरिकी सेना और सऊदी ऊर्जा केंद्रों पर हमले कर रहे थे। सऊदी अरब ने इस हमले को Article 51 के तहत आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, मारे गए लोगों में 5 ईरानी सैन्य सलाहकार भी शामिल थे। इराक ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि वह 30 सितंबर तक अमेरिकी गठबंधन वाली सेना को देश से बाहर करने की प्रक्रिया पूरी करेगा।
