इराकी सरकार ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि इराक को अमेरिका और सऊदी अरब द्वारा की गई एयरस्ट्राइक की पहले से जानकारी थी या उसने इसके लिए कोई अनुमति दी थी। 31 जुलाई 2026 को इराकी सरकार के प्रवक्ता Haider al-Aboudi ने स्पष्ट किया कि बगदाद ने अपने क्षेत्र में किसी भी हमले के लिए किसी को मंजूरी नहीं दी है। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के उस दावे के ठीक उलट है जिसमें उन्होंने कहा था कि ये हमले इराकी सरकार के साथ समन्वय करके किए गए थे।
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हमले में हुआ भारी नुकसान
यह कथित संयुक्त अभियान 29 जुलाई 2026 की सुबह सात इराकी प्रांतों में स्थित पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) के ठिकानों पर किया गया। खबरों के मुताबिक, इस हमले में 18 से 20 लोगों की मौत हुई है और 20 से 32 लोग घायल हुए हैं। मारे गए लोगों में 6 ईरानी सलाहकार भी शामिल थे। इराकी सरकार ने इस कार्रवाई को देश की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है।
सऊदी अरब का तर्क और तनाव
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने अपने बचाव में कहा कि यह कार्रवाई UN Charter के Article 51 के तहत आत्मरक्षा में की गई। सऊदी अरब का आरोप है कि 27 और 28 जुलाई 2026 को रियाद और उसके बुनियादी ढांचे पर जो ड्रोन हमले हुए थे, वे इराक में मौजूद ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा किए गए थे। हालांकि, इराकी प्रधानमंत्री के प्रवक्ता Sabah al-Numan ने कहा कि किसी भी पक्ष ने इस बात का कोई सबूत नहीं दिया है कि ड्रोन हमले इराक की जमीन से हुए थे। तनाव के चलते इराकी प्रधानमंत्री Ali Falih al-Zaidi ने अपनी सऊदी अरब की निर्धारित यात्रा को भी स्थगित कर दिया है।
