इराक के उत्तरी कुर्द इलाके में एरबिल के पास स्थित पीएके कैंप पर ड्रोन हमला हुआ है। इस हमले में तीन लड़ाकों को चोटें आई हैं। कुर्दिस्तान फ्रीडम पार्टी (पीएके) ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
पीएके कैंप पर ड्रोन हमले में क्या हुआ?
यह हमला 22 अप्रैल, 2026 को सुबह करीब 1:24 बजे हुआ। एरबिल प्रांत के खबात जिले में स्थित कुर्दिस्तान फ्रीडम पार्टी (पीएके) के शिविर को निशाना बनाया गया। संगठन के प्रवक्ता कलेल कानी सनानी ने बताया कि तेहरान की ओर से चार ड्रोन भेजे गए थे। हमले में तीन लड़ाके घायल हुए हैं, लेकिन उन्हें केवल मामूली चोटें आई हैं।
इलाके में पहले भी हुए हमले और वर्तमान स्थिति
कुर्दिस्तान क्षेत्र में इस तरह के हमले पिछले कुछ दिनों में बढ़ते दिखे हैं। 17 अप्रैल, 2026 को हुए एक हमले में डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ ईरानी कुर्दिस्तान के तीन सदस्य मारे गए थे, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था। इससे पहले 7 अप्रैल को भी एक ड्रोन हमले में एक विवाहित जोड़े की मौत हुई थी। कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार (केआरजी) ने इन सभी घटनाओं को आतंकवादी हमला बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
ईरान की प्रतिक्रिया और अमेरिका का रुख
इस ताज़ा हमले पर ईरान की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि नहीं आई है। हालांकि, ईरान पहले भी इराकी कुर्दिस्तान में मौजूद ईरानी कुर्द समूहों को आतंकवादी संगठन मानता रहा है। एक बड़ी बात यह है कि इस हमले से कुछ ही घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष विराम (ceasefire) की अवधि को बढ़ाया था।
