इराक की संसद ने शनिवार को निज़ार अमेदी (Nizar Amedi) को देश का नया राष्ट्रपति चुन लिया है। यह चुनाव पिछले साल नवंबर में हुए संसदीय चुनाव के बाद लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक गतिरोध को खत्म करने के लिए किया गया। कुर्द नेता अमेदी ने दूसरे दौर की वोटिंग में जीत हासिल की और अब वह देश की कमान संभालेंगे।

चुनाव प्रक्रिया और वोटिंग का क्या रहा नतीजा?

राष्ट्रपति का चुनाव इराक की काउंसिल ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स द्वारा किया गया। नियमों के मुताबिक पहले दौर में जीत के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी 220 वोटों की जरूरत थी, लेकिन कोई भी उम्मीदवार इसे पूरा नहीं कर पाया। इसके बाद दूसरे दौर की वोटिंग हुई।

  • पहले दौर के वोट: निज़ार अमेदी को 208 वोट मिले थे।
  • दूसरे दौर के वोट: अमेदी ने 227 वोट हासिल कर जीत दर्ज की।
  • संसद की उपस्थिति: चुनाव के समय 223 सांसद मौजूद थे।
  • मुख्य प्रतिद्वंदी: मुथन्ना अमीन (Muthanna Amin) दूसरे दौर में अमेदी के खिलाफ चुनाव लड़े।

निज़ार अमेदी कौन हैं और आगे की प्रक्रिया क्या है?

58 साल के निज़ार अमेदी ‘पैट्रियोटिक यूनियन ऑफ कुर्दिस्तान’ (PUK) पार्टी से आते हैं। वह 2022 से 2024 तक इराक के पर्यावरण मंत्री रह चुके हैं और उन्होंने पूर्व राष्ट्रपतियों को सलाह देने का काम भी किया है।

इराक के संविधान के अनुसार, अब नए राष्ट्रपति के पास प्रधानमंत्री के नाम की सिफारिश करने के लिए 15 दिन का समय है। इसके बाद, प्रधानमंत्री पद के लिए नामित व्यक्ति को 30 दिनों के भीतर अपनी नई कैबिनेट बनानी होगी।

सत्ता का बंटवारा और क्षेत्रीय तनाव का असर

इराक में 2003 के बाद से एक व्यवस्था चली आ रही है, जिसमें राष्ट्रपति हमेशा कुर्द, संसद स्पीकर सुन्नी और प्रधानमंत्री शिया समुदाय से होता है। इस बार के चुनाव में कुर्द डेमोक्रेटिक पार्टी (KDP) ने सत्र का बहिष्कार किया था।

यह चुनाव ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। इस क्षेत्रीय खींचतान का असर इराक की राजनीति पर भी दिख रहा है। अब दुनिया भर की नज़रें इस बात पर हैं कि प्रधानमंत्री पद के लिए किसे चुना जाता है क्योंकि यह एक बेहद संवेदनशील फैसला होगा।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.