इराक के Erbil शहर के उत्तर में स्थित एक ईरानी विरोध कैंप पर ड्रोन से हमला हुआ है. सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में कैंप के अंदर मौजूद हथियारों और गोला-बारूद के डिपो को निशाना बनाया गया. राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई है.
हमले में क्या हुआ और कहां हुआ?
यह हमला बुधवार, 13 मई 2026 को हुआ. ड्रोन ने सीधे कैंप के उस हिस्से पर वार किया जहां हथियार रखे हुए थे. इस इलाके में पहले भी Balisan mountains, Zewie Spi और Girde Chal जैसे कैंपों को निशाना बनाया जा चुका है. सुरक्षा सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि हमला सटीक रूप से हथियारों के डिपो पर हुआ था.
कौन हैं निशाने पर और क्यों हो रहे हैं हमले?
इस हमले में मुख्य रूप से Democratic Party of Iranian Kurdistan (KDPI) और Komala जैसे समूहों को निशाना बनाया गया. ईरान की IRGC पर अक्सर ऐसे हमलों का आरोप लगता है. ईरानी सरकारी मीडिया इन समूहों को अलगाववादी संगठन बताता है और दावा करता है कि ये अमेरिका और इसराइल की मदद कर रहे हैं. KDPI की रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी 2026 के अंत से अब तक उनके अड्डों पर 119 बार हमले हो चुके हैं.
मई 2026 में हुए अन्य हमलों की लिस्ट
पिछले कुछ दिनों में इस क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और कई हमले हुए हैं:
- 5 मई: Sulaymaniyah में Komala के Sourdash कैंप पर हमला हुआ.
- 6 मई: Koya जिले के Zewi Aspi और Girde Chal कैंपों पर ड्रोन हमले हुए.
- 7 मई: Balisan पहाड़ों में KDPI पर लगातार दूसरे दिन ड्रोन अटैक हुआ.
- 8 मई: अमेरिकी और सहयोगी सेनाओं ने ईरान के ड्रोन और मिसाइलों को बीच में ही रोका.
- 10 मई: Erbil के पूर्व में एक और ईरानी Kurdish विरोध कैंप पर हमला हुआ.
कुर्दिस्तान प्रशासन ने इन सभी घटनाओं की निंदा की है. उनका कहना है कि वे इस संघर्ष का हिस्सा नहीं हैं और ईरान के ये कदम उनकी संप्रभुता का उल्लंघन है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या 13 मई के ड्रोन हमले में कोई हताहत हुआ?
नहीं, सुरक्षा सूत्रों के अनुसार 13 मई को Erbil के उत्तर में हुए इस हमले में किसी भी व्यक्ति की मौत की खबर नहीं मिली है.
ईरान इन हमलों को किस तरह सही ठहराता है?
ईरान इन विरोध समूहों को अलगाववादी आतंकवादी संगठन मानता है और आरोप लगाता है कि वे अमेरिका और इसराइल के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.
